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UP: 'रीलबाज' पुलिसकर्मियों की अब खैर नहीं, सीधे होगा विभागीय एक्शन, हर महीने जाएगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर रील्स और आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश द्वारा जारी आदेश के तहत, नियमों का उल्लंघन करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

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वायरल वीडियो के URL का भी रखा जाएगा रिकॉर्ड (Photo-AI)
वायरल वीडियो के URL का भी रखा जाएगा रिकॉर्ड (Photo-AI)

उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब पुलिस मुख्यालय ने पूरी तरह शिकंजा कस दिया है. डीजीपी मुख्यालय की मंजूरी के बाद अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र जारी किया है. 

इस आदेश के तहत, सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करने वाले सेवारत और प्रशिक्षु (ट्रेनी) पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कड़ी विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश द्वारा जारी किए गए पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि पूर्व में जारी की गई 'सोशल मीडिया पॉलिसी-2023' के बावजूद कई पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार इसका उल्लंघन किया जा रहा है.  पत्र में कहा गया है, "यह देखने में आ रहा है कि कई सेवारत एवं प्रशिक्षु पुलिस कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर रील इत्यादि के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही है. इससे न केवल शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है, अपितु उत्तर प्रदेश पुलिस की गरिमा एवं छवि भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है."

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हर महीने भेजी जाएगी रिपोर्ट, URL का भी रखा जाएगा रिकॉर्ड
इस अनुशासनहीनता को रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक फुल-प्रूफ प्लान तैयार किया है. सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधीन जिलों और इकाइयों में सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत चिन्हित किया जाए.

चिन्हित किए गए कर्मियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के तत्काल आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इसके अलावा प्रत्येक माह निर्धारित प्रोफॉर्मा के अनुसार, उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अधोहस्ताक्षरी (मुख्यालय) को भेजी जाए.

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
सख्त निगरानी के आदेश में कहा गया है कि संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट या वायरल रील के URL लिंक सहित पूरा रिकॉर्ड साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जाए. यह कड़ा पत्र पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश के अनुमोदन के बाद 15 मई 2026 को आधिकारिक रूप से निर्गत किया गया है.

अधिकारियों को साफ कर दिया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली फोर्स में इस तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस आदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर 'स्टारडम' चमकाने वाले पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचना तय माना जा रहा है.

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