देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश उद्योग के हिसाब से भी काफी अहम है, यहां अलग-अलग जिलों में कई ऐसे उद्योग हैं जो देशभर में अपना नाम कमाते हैं. चाहे वह बड़े औद्योगिक क्षेत्र हों या ऐसे छोटे-छोटे व्यापार जो लोगों को आत्मनिर्भर बनाते हैं. इन सभी का समायोजन यूपी के ग्रेटर नोएडा में लगे इंटरनेशल ट्रेड शो में दिखाई दे रहा है. ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UP International Trade Show) और बाइक रेस मोटो जीपी में हजारों एग्जीबिटर्स अपनी कलाओं के साथ अपने आत्मनिर्भर होने का प्रदर्शन कर रहे हैं. इसमें हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई स्टॉल लगे हैं.
बिंदी लेकर आईं बलिया की महिला व्यापारी
यूपी ट्रेड शो में जिला औद्योगिक केंद्रों की तरफ से बिंदी बनाने वाली बलिया की तीन महिलाओं को इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शनी का मौका दिया गया. जब आप ट्रेड शो में जाएंगे तो वहां स्टॉल लगाए तीन औरतों की तरफ आपका ध्यान भी जरूर जाएगा. जो यूपी के बलिया जिले से आई हैं और अपने हाथों से सिंदर बिंदियां बनाकर बेच रही हैं. उनके काम की खूबसूरती और आत्मविश्वास आपका दिल लुभा लेगा. इसके बाद आपको कपड़ों से लेकर ज्वैलरी तक की कई दुकानें दिखेंगी. जिसमें आपको बनारसी साड़ी, लखनऊ का चिकनकारी और ना जाने कितने तरह के फैबरिक मिल जाएंगे.
हाथों से डलिया बनाकर आत्मनिर्भर बनीं अमेठी की औरतें
यूपी ट्रेड फेयर में हॉल नंबर 10 की तीसरी रो में जाएंगे तो आपको 2 बुजुर्ग कुछ डलिया लिए नजर आएंगे जो यूपी के अमेठी जिले ले आए हैं, अपने ही गांवों की घास इकट्ठा करके वह बेहद सुंदर डलिया और लकड़ी से बने ना जाने कितने आइटम. उनके हाथ तो कांप रहे हैं लेकिन फिर भी कड़ी मेहनत और लगन से व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने बताया कि डलिया बनाने के लिए वह नदी के आस-पास लगी घास का इस्तेमाल करते हैं.
गन्ने की खोई से बने दौने-पत्तल
इसी तरह आपको डिस्पोजल की एक दुकान और नजर आएगी जहां गन्ने की खोई (वेस्ट) से डिस्पोजल, दौना, पत्तल, गिलास बनाते हैं यानी इसके लिए वातावरण को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाता. यह पूरी तरह बायोडिग्रेडेबल है. प्लास्टिक फ्री रहने के लिए यह ऐसे दौने-पत्तल बनाते हैं. विदोशों में प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए यह इन्हें एक्सपोर्ट भी करते हैं. इसी तरह आपको हॉल नंबर 10 में लगी एक दुकान और आकर्षित कर सकती है.
अलीगढ़ के तालों ने दिखाई अपनी मजबूती
अलीगढ़ अपने तालों के लिए मशहूर है. यहां के बने ताले सिर्फ यूपी में ही नहीं बल्कि देश-दुनिया में मशहूर हैं. इस ट्रेड शो में ओवलोक्स नामक कंपनी की छोटी दुकान लगी है. जिन्होंने अपने तालों का बिजनेस छोटे स्केल पर शुरू किया था लेकिन आज उनके छोटे तालों से लेकर स्मार्ट लॉक तक दुनियाभर में बेचे जाते हैं. ट्रेड शो में लगी यह दुकान अलीगढ़ उद्योग की एक झलक है. उन्होंने खास बातचीत में बताया कि जिला उद्योग केंद्र के अफसर शैलेंद्र सिंह ने उनसे संपर्क किया और उनकी एक स्टॉल इस ट्रेड शो में लगवाई है.
देसी गाय के गोबर से बनाया पेंट, मूर्तियां, ईंट आदि
गाय के गोबर से मूर्तियां, दिये और कई तरह के आइटम बनाए जाते हैं. कमाल की बात यह है कि देसी गाय के गोबर से ईंट भी बनाते हैं, जो शायद मिट्टी से बनी पक्की ईंट को भी फेल कर दें. गाय के गोबर से बनी भगवान की मूर्तियां भी आपको बेहद पसंद आएंगी.
स्किल इंडिया की कई स्टॉल
साल 2015 में स्किल इंडिया योजना की शुरुआत की गई थी. जिसके बेरोजगार नागरिक को सरकार द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है. यूपी एक्सपोमार्ट में ऐसा ही कुछ देखने को मिला. यहां ऐसी कई दुकानें थीं जिन्होंने अपना कामकाज स्किल इंडिया के तरह शुरू किया था जैसे क्रिकेट बॉल बनाना, लेदर के जूते बनाना आदि. जूते बनाने की ट्रेनिंग लेने के बाद अपना काम शुरू करने वाले एक शख्स ने डेमो दिखाते हुए बताया कि वह किस तरह हाथों और मशीन का इस्तेमाल करके जूता तैयार करते हैं. इतना ही नहीं आपको बड़ी मूर्तियां, कपड़े, ज्वैलरी की हर चीज की स्टॉल भी नजर आएंगी.
उत्तर प्रदेश के इस इंटरनेशल ट्रेड शो में आपको यूपी के टूरिज्म की भी झलक दिखाई देगी. इसके अलावा यहां खाने पीना का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग राज्यों के मशहूर डिशेज़ की यहां फूड स्टॉल लगी हुई है, यहां कूपन काउंटर पर पेमेंट कर आप मनचाही मील ले सकते हैं. अगर आप ट्रेड शो में जाने का सोच रहे हैं तो बता दें कि आपको पार्किंग लोकेशन से 2 किलोमीटर दूर जीएल बजाज इंस्टीट्यूट के सामने अपना वाहन पार्किंग में लगाना होगा वहां से ट्रेड के लिए आपको फ्री शटल सेवा मिलेगी जिसमें बैठकर आर ट्रेड शो की लोकेशन पर पहुंच सकते हैं.