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यूपी में SIR ने बढ़ाया बीजेपी का सिरदर्द, केंद्रीय नेतृत्व ने अपने हाथों में लिया मामला

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद बीजेपी अलर्ट मोड में आ गई है और इसे बेहद गंभीर मानते हुए मिशन मोड में काम शुरू कर दिया गया है. पार्टी ने ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण को जिम्मेदारी सौंपी है. साथ ही नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 अभियान की रोजाना बूथ-वार रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजने के निर्देश दिए हैं.

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बीजेपी ने सभी पदाधिकारियों को युद्ध स्तर पर काम करने और फॉर्म-6 भरवाने के लिए टीम बनाने को कहा है. (File Photo: ITG)
बीजेपी ने सभी पदाधिकारियों को युद्ध स्तर पर काम करने और फॉर्म-6 भरवाने के लिए टीम बनाने को कहा है. (File Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के एसआईआर में शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने के बाद बीजेपी मिशन मोड में आ गई है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी आलाकमान ने ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष और यूपी से राज्य सभा सांसद के. लक्ष्मण को तैनात कर दिया है. साथ ही, हर दिन बूथ वार रिपोर्ट केंद्रीय बीजेपी को भेजने का निर्देश दिया है. रिपोर्ट में यह बताना होगा कि नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरवाने के अभियान में क्या प्रगति हुई है.

मंगलवार को चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है. यूपी में 2.89 करोड़ नाम काट दिए गए जो देश के 12 राज्यों में सर्वाधिक है. दूसरे चरण के तहत इन 12 राज्यों में एसआईआर हो रहा है. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल ने नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की थी, जिसमें सभी सांसद, विधायक, एमएलसी, मंत्री, संगठन के नेता और जिला अध्यक्ष शामिल थे.

प्रदेश संगठन की बैठक में दिए गए निर्देश

कल यानी गुरुवार को भी प्रदेश संगठन की बैठक हुई जिसमें मौजूदा हालात को बेहद गंभीर बताया गया है. इस बैठक में के. लक्ष्मण और प्रदेश के संगठन महासचिव धर्मपाल मौजूद थे. बैठक में कहा गया कि सबसे अधिक वोट लखनऊ में कटे, लगभग 30%. वहीं गाजियाबाद में 28% वोट काट दिए गए.

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इसी तरह बलरामपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, सहारनपुर, आगरा जैसे सभी बड़े शहरों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं. बीजेपी का आकलन है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी बीजेपी समर्थक वोटरों के नाम कट गए हैं. कई ऐसी विधानसभाएं हैं जो बीजेपी ने पिछले चुनाव में 5,000 से 20,000 वोटों से जीती थीं लेकिन वहां लगभग 1 लाख वोट कट गए.

'यही वोट भविष्य में काम आएंगे'

इस बैठक पार्टी में विधायकों को युद्ध स्तर पर काम करने को कहा गया है. उनसे कहा गया है कि उन्हें ऐसे काम करना चाहिए जैसे वे खुद अपना चुनाव लड़ रहे हों, क्योंकि यही वोट भविष्य में उनके काम आएंगे. कहा गया है कि वर्तमान में पदाधिकारियों को विधानसभा, मंडल और वार्ड स्तर तक फॉर्म-6 पहुंचाने होंगे.

सभी जिला अध्यक्षों, एमएलसी, विधायक, सांसद एवं मंत्री आदि को इस काम में लगने को कहा गया है. यह भी कहा गया है कि जहां-जहां बीजेपी के सांसद या विधायक नहीं हैं, वहां एमएलसी और राज्यसभा सांसदों की ड्यूटी लगाई जाए.

'इसके अलावा कोई दूसरा काम नहीं करना है'
 
पार्टी की ओर से कहा गया है कि जमकर मेहनत करनी होगी ताकि पार्टी को नुकसान न हो. साथ ही यह निर्देश भी दिया गया कि अब से प्रतिदिन बूथ स्तर तक की रिपोर्ट शाम को केंद्रीय कार्यालय भेजनी होगी. विशेष रूप से शहरों के वोटों पर अधिक ध्यान देने को कहा गया है. बोला गया है कि सभी पार्टी नेताओं को इसके अलावा कोई दूसरा काम नहीं करना है.

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पार्टी ने सभी जिलों के जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे जिले में 10-10 लोगों की टीमें बनाएं और प्रतिदिन शाम को प्रदेश कार्यालय को रिपोर्ट भेजें. 17 जनवरी को इस अभियान की समीक्षा होगी. इसमें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. सभी पदाधिकारियों को बूथ पर उपस्थित रहने को कहा गया है.

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