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यूपी में चुनाव से पहले बीजेपी का 'ट्राएंगल मॉडल', पंकज चौधरी ने कार्यालय से हटवाई मेजें

उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठन में कार्यकर्ता सर्वप्रथम के संकल्प के साथ बड़े बदलाव शुरू किए हैं. उन्होंने कार्यालय की बड़ी मेजें हटाकर कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद को बढ़ावा दिया है. 'ट्राएंगल मॉडल' के तहत संगठनात्मक अनुशासन, विकास योजनाओं की निगरानी और जनता से संवाद को प्राथमिकता दी गई है.

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बीजेपी  प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी. (Photo: ITG)
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी. (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अध्यक्ष पद की कमान संभालते ही संगठन में बड़े बदलावों की शुरुआत कर दी है. प्रदेशाध्यक्ष ने बुधवार को कार्यकर्ता सर्वप्रथम के संकल्प के साथ एक अनोखा प्रयोग शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी को मजबूत और अभेद्य बनाना है.

पंकज चौधरी ने कमान संभालते ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय में लगी बड़ी-बड़ी मेजों को हटा दें, ताकि सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधी बातचीत हो सके. कहा जा रहा है कि प्रदेशाध्यक्ष अब सीधे कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनेंगे, जिससे ये संदेश जाए कि संगठन में हर व्यक्ति समान है और उसकी बात सुनी जा रही है.

बताया जा रहा है कि बीजेपी ने अपने संगठन को नई धार देने के लिए इस त्रिकोण मॉडल को पेश किया है. जिसके तहत संगठनात्मक अनुशासन पार्टी लाइन को सर्वोपरि रखा गया है. दूसरा, विकास योजनाओं की सीधी निगरानी, जहां संगठन ये देखेगा कि योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी हैं. तीसरा, जनता से प्रत्यक्ष संवाद, जिसमें कार्यकर्ताओं को योजनाओं का फीडबैक लेने की जिम्मेदारी दी गई है.

साथ ही पार्टी ने साफ कर दिया है कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं होगी. इसके लिए हर जिले में 'मासिक समीक्षा तंत्र' लागू किया गया है. कार्यकर्ता अब केवल प्रचार नहीं करेंगे, बल्कि वोटर्स को मिल रहे लाभ का मूल्यांकन भी करेंगे. आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पार्टी फोरम का मंच उपलब्ध कराया गया है. साफ है कि बीजेपी अब 'ड्राइंग रूम पॉलिटिक्स' छोड़कर पूरी तरह 'फील्ड पॉलिटिक्स' पर फोकस कर रही है.

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