लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में बीबीए छात्र अक्षत प्रताप सिंह ने 19 फरवरी की तड़के अपने पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. यह वारदात पारिवारिक विवाद और रुपयों के लेनदेन को लेकर हुई बहस के बाद अंजाम दी गई. आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए और उन्हें नादरगंज तथा ट्रांसपोर्ट नगर के पास अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया. बहन कृति ने भाई को खोने के डर से इस अपराध को छुपाए रखा. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हथियार और शव के अवशेष बरामद कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
50 लाख रुपये का रहस्य और पिता से विवाद
मानवेंद्र सिंह की हत्या की वजह केवल पढ़ाई का दबाव नहीं, बल्कि आर्थिक विवाद भी माना जा रहा है. परिजनों के अनुसार, 19 फरवरी को मानवेंद्र ने घर में रखे 50 लाख रुपये गिने थे, जो शराब के ठेके के रिन्यूअल के लिए थे. रकम कम मिलने पर पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई और मानवेंद्र ने अक्षत को थप्पड़ मारकर राइफल तान दी थी. इसी अपमान और गुस्से में अक्षत ने उसी रात पिता को खत्म करने का फैसला किया और तड़के वारदात को अंजाम दिया.
शव के साथ रात भर सोता रहा आरोपी
हैरान कर देने वाली बात यह है कि हत्या के बाद अक्षत और उसकी बहन कृति उसी घर में सामान्य बने रहे. परिचितों के अनुसार, अक्षत ने पहले सरेंडर का सोचा था, लेकिन बहन के अकेले पड़ जाने के डर से उसने शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची. दोनों भाई-बहन उस कमरे में भी सोए जहां पिता के शव के टुकड़े रखे थे. पकड़े जाने के डर से दोनों ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट भी प्राइवेट कर लिए थे ताकि कोई उन पर शक न कर सके.
पुलिस की बरामदगी और यूनिवर्सिटी की कार्रवाई
पुलिस ने अक्षत की निशानदेही पर नादरगंज नहर के पास से शव के हाथ-पैर और रेलवे ट्रैक के पास से हत्या में इस्तेमाल दो चाकू और दो आरी बरामद की हैं. दूसरी ओर, जिस निजी विश्वविद्यालय में अक्षत बीबीए का छात्र था, उसने इस कृत्य को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दंडनीय मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है. फिलहाल अक्षत जेल में है, लेकिन रिश्तेदारों का मानना है कि हत्या की असली जड़ अभी भी पूरी तरह सामने आना बाकी है.
बहन को लेकर अक्षत ने ये बोला था
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में अक्षत ने अपनी नाबालिग बहन कृति को लेकर भी बात की. उसने बताया कि इस हत्याकांड में उसकी बहन का कोई रोल नहीं है. उसने कहा- 'बहन मौके पर नहीं थी. वह दूसरे कमरे में थी. गोली की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची. इस दौरान अक्षत ने उससे कहा कि वह इस सब से दूर रहे. मैं सब हैंडल कर लूंगा.'