कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और हाईटेक कार्रवाई को अंजाम दिया. ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत चलाए गए इस अभियान में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए गांजा तस्करी के संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया.
ड्रोन से निगरानी, सटीक लोकेशन पर एक्शन
इस कार्रवाई में पहली बार ड्रोन कैमरों की मदद से संकरी गलियों और छतों पर हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई. ड्रोन से मिली सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस टीमों ने एक साथ कई जगहों पर दबिश दी, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला.
बड़ी गिरफ्तारी, महिलाएं भी शामिल
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7 महिलाओं और 1 पुरुष को गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया कि ये लोग लंबे समय से इलाके में गांजे की पुड़िया बनाकर उसकी सप्लाई कर रहे थे. तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 3 किलो से अधिक अवैध गांजा और करीब 92 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं.
रोजाना लाखों का अवैध कारोबार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क के जरिए प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये तक का गांजा बेचा जा रहा था, जिससे इसके बड़े स्तर पर संचालित होने की पुष्टि हुई है.
70 से ज्यादा जवानों ने की घेराबंदी
इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच, सचेंडी और पनकी थाना पुलिस के साथ रिजर्व फोर्स के 70 से अधिक जवान शामिल रहे. ड्रोन से संदिग्ध स्थान चिन्हित होते ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर एक साथ कार्रवाई की गई.
आधिकारिक बयान
एडीसीपी क्राइम सुमित एस रामटेके ने बताया कि सचेंडी और आसपास के इलाकों में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं. ड्रोन तकनीक की मदद से सटीक जानकारी जुटाकर यह कार्रवाई की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में गांजा और नकदी बरामद हुई है. उन्होंने कहा कि नशे के इस नेटवर्क को तोड़ दिया गया है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे.
आगे की कार्रवाई जारी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में ड्रग तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है. पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है.