
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) परिसर में 20 मार्च को बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मंजीत चौहान ने बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी. इस वारदात के समय चंद कदम दूर खड़ी चश्मदीद छात्रा शिवांगी सिंह ने बताया कि मंजीत ने सीने पर गोली मारने के बाद दोबारा लौटकर सूर्य के सिर में गोली मारी. पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजीत को गिरफ्तार कर लिया है और उसके साथी अनुज ने सरेंडर कर दिया है, लेकिन कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ छात्रों का गुस्सा बरकरार है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने आज कॉलेज के मुख्य द्वार पर मुंडन कराकर प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार सिंह को तत्काल पद से हटाने की मांग की है. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.
चश्मदीद छात्रा ने सुनाई खौफनाक दास्तां
वारदात के समय मौके पर मौजूद छात्रा शिवांगी सिंह ने बताया कि वह लाइब्रेरी में बैग रखकर अपनी सहेली को छोड़ने सीढ़ियों के पास पहुंची थी, तभी पहली फायरिंग हुई. शिवांगी के अनुसार, मंजीत ने सूर्य के सीने पर चढ़कर गोली चलाई और भाग गया, लेकिन वह फिर वापस आया और सिर में गोली मारकर जान ले ली.

शिवांगी ने आरोप लगाया कि उस वक्त केवल राजनीति शास्त्र के एक शिक्षक बचाने आगे आए थे, जबकि बाकी सभी टीचर छिपकर तमाशा देख रहे थे. मंजीत ने धमकी दी थी कि जो आगे आएगा, वह मारा जाएगा.
प्रिंसिपल पर संवेदनहीनता का गंभीर आरोप
छात्रों के आक्रोश का मुख्य केंद्र कॉलेज के प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार सिंह हैं. चश्मदीद शिवांगी ने खुलासा किया कि घायल अवस्था में सूर्य प्रताप को अस्पताल ले जाने के लिए प्रिंसिपल ने अपनी गाड़ी देने से साफ मना कर दिया था. इसी लापरवाही और अनदेखी से नाराज होकर आज छात्रों ने 'अनोखा विरोध' दर्ज कराया. तीन-चार छात्रों ने बारी-बारी से अपना सिर मुड़वाया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. छात्रों का कहना है कि जब तक कॉलेज के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना खत्म नहीं होगा.