इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को करीब 10 महीने बाद जमानत मिल गई है. शिलॉन्ग कोर्ट ने जांच में सबूतों की कमी, हत्या के इरादे को लेकर स्पष्टता न होने और गिरफ्तारी के समय उचित धाराओं की जानकारी न दिए जाने को आधार मानते हुए राहत दी है. वहीं इस फैसले के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं.
वहीं इस मामले में सोनम और अन्य आरोपियों की तरफ से पैरवी कर रहे इंदौर के अधिवक्ता देवेश शर्मा का बयान आया है. उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में कई महत्वपूर्ण कड़ियां कमजोर रही हैं, जिसके चलते कोर्ट ने जमानत मंजूर की है. फिलहाल इस मामले में जमानत मिलने के बाद आगे की सुनवाई और ट्रायल पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. कोर्ट की शर्त के अनुसार सोनम को शिलॉन्ग में ही रहना पड़ेगा. कहीं जाने के लिए अनुमति लेना पड़ेगी. हर तारीख पर आना पड़ेगा. इस बेल ने मेघालय पुलिस के इन्वेस्टिगेशन पर भी सवाल उठा दिया है.
11 मई को हुई थी राजा सोनम की शादी
राजा रघुवंशी हत्याकांड, जो साल 2025 में सामने आया था. 11 मई 2025 को राजा और सोनम की शादी हुई थी. जिसके कुछ ही दिनों बाद 20 मई को दोनों हनीमून के लिए शिलॉन्ग रवाना हुए थे. 23 मई तक दोनों परिवार के संपर्क में थे, लेकिन 24 मई से उनका संपर्क टूट गया. इसके बाद 2 जून को शिलांग की एक घाटी में राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ. जिससे पूरे मामले ने सनसनी फैला दी थी.
जांच के दौरान 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सोनम रघुवंशी को पुलिस ने हिरासत में लिया था. पुलिस ने सोनम को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी माना है. हालांकि अब करीब 10 महीने बाद कोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी है.
सोनम की जमानत पर भाई ने क्या कहा?
आरोपी सोनम रघुवंशी को ज़मानत मिलने पर भाई गोविंद रघुवंशी का भी बयान आया है. गोविंद ने कहा कि "मुझे भी पता चला है कि सोनम को ज़मानत मिल गई है, लेकिन कोर्ट का आदेश अभी आना बाकी है. हमारे पास अभी कोई निजी वकील नहीं है. सरकार की तरफ से जो वकील मिला है, वह अभी व्यस्त है. मुझे नहीं पता कि वह कब रिहा होगी, कहां रहेगी, वह शिलॉन्ग में होगी या नहीं.
जेल में सोनम से मिलने से पहले, मैंने उन्हें (राजा के भाई को) साफ़-साफ़ बता दिया था कि मुझे कागज़ों से जुड़ा कुछ काम है. हम उसे अभी घर में नहीं रखेंगे. इसकी कोई गुंजाइश नहीं है. अगर यह सरकार का फ़ैसला है, तो मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा. अगर मेरे माता-पिता उसे घर लाना चाहते हैं, तो मैं घर पर नहीं रहूंगा. इसकी एक प्रक्रिया होती है. अगर राजा का परिवार चाहे तो हाई कोर्ट जा सकता है.
राजा के परिवार ने क्या कहा?
राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि उनका परिवार सोनम को ज़मानत देने के निचले अदालत के फैसले को मेघालय हाई कोर्ट में चुनौती देगा. उन्होंने बताया, "अदालत में सोनम की ज़मानत याचिका पर बहस करते हुए, उसके वकील ने मुख्य रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि मेघालय पुलिस ने उसे उसकी गिरफ्तारी के विशिष्ट कारणों के बारे में ठीक से सूचित नहीं किया था, जो कि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है."
विपिन ने जांच में "हेराफेरी" होने का संदेह जताया. उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने अभी तक उन्हें चार्जशीट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई है, और न ही उन्हें इसकी ठीक से समीक्षा करने का मौका मिला है. सोनम को 9 जून, 2025 को उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर से गिरफ्तार किया गया था.