scorecardresearch
 

शामली: मुस्लिमों के खिलाफ विवादित बयान देने के आरोप में एक्शन, स्वामी यशवीर समेत 47 लोगों पर FIR

शामली में पुलिस ने 40 से अधिक हिंदू कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने नॉनवेज होटलों और रेस्टोरेंट को बंद करने की मांग को लेकर आयोजित बैठक के दौरान सांप्रदायिक बयान दिया था.

Advertisement
X
स्वामी यशवीर पर एफआईआर
स्वामी यशवीर पर एफआईआर

यूपी के शामली में पुलिस ने 40 से अधिक हिंदू कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने नॉनवेज होटलों और रेस्टोरेंट को बंद करने की मांग को लेकर आयोजित बैठक के दौरान सांप्रदायिक बयान दिया था. इस कार्यक्रम की अगुवाई महंत स्वामी यशवीर महाराज कर रहे थे. स्वामी यशवीर का नाम भी एफआईआर में दर्ज है.

इस पूरे मामले को लेकर 6 अक्टूबर पुलिस ने बताया कि नॉनवेज होटलों और रेस्टोरेंट को बंद करने की मांग को लेकर आयोजित बैठक के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक बयान देने के आरोप में शामली जिले में 47 हिंदू कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया गया है. 

पुलिस के मुताबिक, योग साधन आश्रम भागरा के महंत स्वामी यशवीर के नेतृत्व में हिंदू पंचायत कथित तौर पर बिना अनुमति के 29 सितंबर को थानाभवन कस्बे में आयोजित की गई थी. जिसमें सांप्रदायिक और विवादित बयान दिए गए.   

मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले रविवार को स्वामी यशवीर समेत तमाम हिंदू कार्यकर्ता एक नॉनवेज होटल के बाहर एकत्र हुए और मांग की कि कस्बे में मंदिरों के सौ मीटर के भीतर ऐसे सभी प्रतिष्ठान बंद किए जाएं. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कथित तौर पर धार्मिक नारे लगाए और मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए. 

Advertisement

इस घटना के बाबत स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) वीरेंद्र कसाना ने कहा- भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सात नामजद व्यक्तियों समेत 47 हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. 30 सितंबर को दर्ज एफआईआर में महंत स्वामी यशवीर का भी नाम है.  

वहीं, पुलिस द्वारा दर्ज मामले के जवाब में अब हिंदू कार्यकर्ताओं ने अपने साथी कार्यकर्ताओं पर लगाए गए आरोपों का विरोध करते हुए 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने की योजना की घोषणा की है. इसको लेकर इलाके का माहौल गर्म हो गया है. 

कौन हैं स्वामी यशवीर? 

मालूम हो कि सावन में मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक फरमान जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर ढाबे वाले और खाने-पीने की चीजें वाले ठेले वालों को अपना नाम लिखना होगा. इसे लेकर पूरे देश में खूब विवाद हुआ था. दुकानों में नेम प्लेट का मुद्दा एक बड़ा विवाद बनकर उभरा था. 

बता दें कि इसके पीछे जो सबसे मुख्य किरदार हैं वो स्वामी यशवीर ही हैं. उन्होंने मुस्लिम ढाबा संचालकों पर हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट करने का आरोप लगाया था. वह जिले के बघरा में एक आश्रम में रहते हैं, जिसे उन्होंने 20 साल पहले बनाया था. 2024 से पहले भी स्वामी यशवीर ने हिंदू नामों से संचालित ढाबों और होटलों के मुसलमान मालिकों के खिलाफ (साल 2023) आंदोलन शुरू किया था.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement