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मुजफ्फरनगर में कांवड़ रूट की हर दुकान पर हो भगवा झंडा और भगवान का चित्र... सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद नेम प्लेट लगवाने पर अड़े स्वामी यशवीर

भले ही कांवड़ रूट की दुकानों पर मालिक का नाम लिखकर टांगने के फरमान पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है. लेकिन अब इसको लेकर मुजफ्फरनगर निवासी महंत स्वामी यशवीर महाराज ने नई मुहिम शुरू कर दी है.

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मुजफ्फरनगर: ढाबे के बाहर मूर्ति/झंडा लगवाते महंत जी
मुजफ्फरनगर: ढाबे के बाहर मूर्ति/झंडा लगवाते महंत जी

यूपी में कांवड़ रूट की दुकानों पर संचालक/मालिक का नाम लिखकर टांगने के फरमान पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. लेकिन अब इसको लेकर मुजफ्फरनगर निवासी महंत स्वामी यशवीर महाराज ने नई मुहिम शुरू कर दी है. उन्होंने कहा है कि सभी सनातनी व्यापारी लोग अपनी-अपनी दुकानों/प्रतिष्ठानों पर 'ॐ' लिखा भगवा झंडा और भगवान वारह की मूर्ति/चित्र लगाएं, इससे प्रतिष्ठान की पहचान सुनिश्चित होगी.  

बता दें कि बघरा ब्लॉक स्थित योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर महाराज ने ही सबसे पहले मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाली दुकानों पर मालिक का नाम लिखने की मांग की थी. बाद में जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने भी ऐसा ही आदेश जारी कर दिया था. लेकिन इस आदेश पर कोर्ट ने रोक लगा दी है. 

हालांकि, दुकानों पर नेम प्लेट विवाद के बीच स्वामी यशवीर महाराज ने एक बार फिर से सनातनी व्यापारियों से अपील की है कि सभी छोटे-बड़े दुकानदार अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर ॐ लिखा भगवा झंडा और विष्णु के अवतार भगवान वारह की मूर्ति लगाएं.

स्वामी यशवीर इस अभियान को शुरू करते हुए मुजफ्फरनगर के सभी कांवड़ मार्गो पर स्थित होटल, ढाबों और फल, जूस की ठेली लगाने वाले हिंदू दुकानदारों के पास जा-जाकर उन्हें भगवान वारह की तस्वीर दे कर रहे हैं और कह रहे हैं इसे अपने प्रतिष्ठान के बाहर लगाकर रखें. 

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ये भी पढ़ें- 'दुकानों पर नाम-पहचान लगाने की जरूरत नहीं...', यूपी सरकार के आदेश पर SC की अंतरिम रोक

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महंत ने की ये अपील 

मीडिया से बात करते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का जो नेम प्लेट विवाद के ऊपर अंतरिम आदेश आया है वह तो आ गया. लेकिन हमारा जो हिंदू समाज है वो इसके लिए बाध्य नहीं है. मेरा सभी सनातन धर्म के मानने वालों से कहना है कि जहां भी आपका होटल, ढाबा, चाय की दुकान, मिठाई की दुकान, जूस की दुकान, फल की दुकान या खाद्य पदार्थ की कोई भी दुकान है उसपर अपना और अपने पिता का मोटे अक्षरों में लिखो और अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी लगाओ. साथ ही उसपर भगवा रंग में ॐ का ध्वज लगाओ. भगवान वारह का चित्र भी स्थापित करो. 

बकौल स्वामी यशवीर- जहां पर ये सब होगा वहीं पर कांवड़ियों को रुकना चाहिए. क्योंकि, वहां पर भोजन में थूकने का, मूत्र करने का या गौ मांस डालने जैसा घ्रणित कार्य नहीं होगा. श्रावण मास में आपको शुद्ध भोजन मिलेगा. निश्चिंत होकर शाकाहारी सात्विक भोजन करें. 

स्वामी यशवीर की इस अपील को लेकर मुजफ्फरनगर के दिल्ली-देहरादून हाइवे पर श्री श्याम भोजनालय के नाम से ढाबा चलाने वाले अनंत कुमार भारद्वाज कहते हैं कि मेरा ढाबा NH-58 पर है, यहां पर भगवान वराह का चित्र स्वामी जी ने ही लगाया है. सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश आया है कि जिसकी मर्जी चाहे वो नेम प्लेट लगा सकता है. मैंने पहले से ही नेम प्लेट लगा रखा है. मैं कोर्ट के फैसले के पक्ष में हूं. मेरे यहां शुद्ध शाकाहारी भोजन मिलता है, बिना लहसुन प्याज का.  

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