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संभल: रमजान शुरू होते ही संभल की ASI संरक्षित मस्जिद की रंगाई-पुताई की मांग, कमेटी ने भेजा पत्र

रमजान का महीना शुरू होने के साथ ही संभल की एएसआई संरक्षित जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई और सजावट का मुद्दा चर्चा में आ गया है. जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की मेरठ रेंज को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी रंगाई-पुताई कराई जाए.

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शाही जामा मस्जिद संभल. (File Photo: ITG)
शाही जामा मस्जिद संभल. (File Photo: ITG)

रमजान का महीना शुरू होते ही पुरातत्व विभाग के द्वारा संरक्षित संभल की जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई का मुद्दा एक बार फिर उठने लगा है. जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने ASI को पत्र लिखकर मस्जिद की रंगाई पुताई और सजावट का कार्य कराने की मांग की है.

बीते साल मस्जिद कमेटी के द्वारा रंगाई पुताई की इजाजत मांगे जाने के बाद संभल प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद मस्जिद कमेटी रंगाई पुताई की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंची थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने ASI और मस्जिद कमेटी को सुनने के बाद पुरातत्व विभाग की देखरेख में ही रंगाई पुताई और सजावट कराने का आदेश दिया था. तब ASI की देखदेख में ही रंगाई-पुताई का कार्य हुआ था.

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दरअसल, संभल की जामा मस्जिद के पूर्व में हरिहर मंदिर होने का दावा कोर्ट में दायर होने के बाद 24 नवंबर 2024 को हिंसा हो गई थी. इसके बाद साल 2025 में जामा मस्जिद कमेटी ने मस्जिद की रंगाई पुताई कराने के लिए संभाल प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत होने का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

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इसके बाद मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए मस्जिद की रंगाई-पुताई की अनुमति मांगी थी. जहां भारतीय पुरातत्व विभाग ने अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि यह स्थल पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत है.

इसके बाद हाईकोर्ट ने पुरातत्व विभाग की टीम को भेजकर रिपोर्ट मांगी थी कि धार्मिक स्थल में रंगाई-पुताई की जरूरत है या नहीं. दोनों पक्षो को सुनने के बाद साल 2025 में हाईकोर्ट ने ASI को ही मस्जिद की रंगाई पुताई और सजावट का आदेश दिया था.

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ASI के द्वारा ही रमजान महीने में रंगाई पुताई का कार्य कराया गया था. इसके बाद अब इस साल रमजान का महीना शुरू होते ही एक बार फिर जामा मस्जिद की रंगाई पुताई की मांग उठी है.

मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने लिखा पत्र

मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया के मेरठ रेंज के सुपरिंटेंडेंट को पत्र भेजकर रंगाई पुताई और सजावट की मांग की है. ASI को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि पिछले वर्ष ASI के द्वारा रंगाई पुताई और सजावट का कार्य कराया गया था, लेकिन बारिश और धूल के कारण वह नष्ट हो गया है. इसलिए इस वर्ष भी रमजान महीने में रंगाई पुताई कराया जाना जरूरी है.

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जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने कहा कि रमजान का महीना शुरू हो चुका है. हमने भारतीय पुरातत्व विभाग के मेरठ रेंज को पत्र लिखकर कहा है कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी मस्जिद की रंगाई-पुताई और सजावट का काम शुरू करा दें, जिससे कि समय से काम पूरा हो सके.

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