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संघ चला गांवों की ओर... 100 साल पूरे होने पर हर गांव में जश्न, हर गांव में शाखा का लक्ष्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गठन के सौ साल 2025 में पूरे हो रहे हैं. शताब्दी वर्ष में आएरएसएस गांव-गांव में अपनी शाखाओं का विस्तार करने के एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है. इसी को देखते हुए संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सात दिनों के यूपी प्रवास पर पहुंचे हैं और उन्होंने प्रचारकों के साथ बैठक में इसी एजेंडे पर जोर दिया.

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इन दिनों शताब्दी वर्ष की तैयारी में जुटा है. आरएसएस जब 2025 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब शहरों और कस्बों में ही नहीं बल्कि गांव तक में संघ अपनी जड़ें जमा लेना चाहता है. ऐसे में संघ ने एक लाख शाखाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा है ताकि गांव-गांव तक अपने पैर पसार सके. संघ प्रमुख मोहन भागवत इस बात को लगातार अपने संबोधन में प्रमुखता से उठाते रहते हैं, लेकिन उसे अमलीजामा पहनाने के मिशन में संघ में नंबर दो का ओहदा रखने वाले सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जुटे हैं. इसी के मद्देनजर वह सात दिनों के प्रवास पर यूपी पहुंचे हैं.

दत्तात्रेय होसबाले मंगलवार को लखनऊ पहुंचे और 16 जनवरी तक यूपी में रहेंगे. इस दौरान वह अलग-अलग क्षेत्र के संघ कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों से मुलाकात करेंगे. इससे इतर संघ की दृष्टि से उसके एजेंडे में सबसे ऊपर इस समय यह है कि कैसे गांव-गांव तक संघ की शाखाएं हो. संघ अपनी शाखाओं को शहर-कस्बों के बाद गांव स्तर तक ले जाने की तैयारी में है. ग्राम पंचायत में शाखाओं का विस्तार आरएसएस की प्राथमिकताओं में है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले कई वर्षों से गांव में एक श्मशान, एक मंदिर और एक जल स्रोत के विचार पर काम कर रहा हैं.

सियासी जड़ों को लेकर ये प्लान
आरएसएस इस एजेंडे के जरिए चाहता है कि मंदिर को लेकर कोई भेदभाव ना हो, जल स्रोत में कोई छुआछूत ना हो और न ही जातियों के अलग-अलग श्मशान हों. इस तरह जातियों के भीतर श्रेष्ठता का भाव इन तीनों ही स्थानों पर कहीं न दिखाई दे. इसे लेकर संघ काफी समय से कार्यक्रम करता रहा, लेकिन अब इसका असर दिखाई भी देने लगा है. इसी के मद्देनजर संघ गांव में अपनी सियासी जड़ों को जमाना चाहता है. संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होश बोले मंगलवार को लखनऊ पहुंचे थे और वहां उन्होंने संघ के पूर्वी क्षेत्र के कार्यकारिणी की बैठक की. इस दौरान उनका पूरा फोकस गांव में संघ की शाखाओं के विस्तार पर था.

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दत्तात्रेय ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को लगातार गांव में प्रवास करने, स्वयंसेवकों के साथ लगातार संपर्क और संवाद करने पर जोर दिया. गांव में अगर सीधे शाखाएं नहीं खुल रही तो उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए गांव तक पहुंचने का मंत्र दिया. दत्तात्रेय होसबोले गांव में संघ के विस्तार देने और आरएसएस के सर्व समावेशी अभियानों के लिए काशी, गोरखपुर, सुल्तानपुर, आजमगढ़ के दौरे पर होंगे और 16 जनवरी को लखनऊ में प्रबुद्ध जनों के साथ सहयोग करेंगे.

2023 की कार्ययोजना पर भी मंथन
दत्तात्रेय संघ के विस्तारक तैयार करने, अयोध्या में राममंदिर निर्माण सहित राष्ट्रवाद से जुड़े अन्य मुद्दों को जनता के बीच पहुंचाने पर बात करेंगे. बैठक में संघ की वर्ष 2023 की कार्ययोजना पर भी मंथन होगा. इस दौरान वह क्षेत्रीय टोली के साथ भी मंथन करेंगे. 15 जनवरी को होसबाले मकर सक्रांति के कार्यक्रम में शामिल होने साथ वैचारिक संगठनों से भी बात करेंगे. 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संघ उत्तर प्रदेश में हर गांव तक शाखाएं लेंगे, इसे लेकर लगातार कार्यक्रम और मंथन किया जा जा रहा है. इससे पहले प्रांतवार शाखा में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल हुए थे.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 2024 तक अवध क्षेत्र के हर गांव में संघ की शाखाएं संचालित करेगा. संघ ने गांव-गांव तक शाखाओं के विस्तार के साथ सेवा कार्यों को बढ़ाने की योजना बनाई है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा. इस तरह से जातियों में बंटे हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोने का एजेंडा है.

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'आगे बढ़कर समाज का नेतृत्व करें स्वयंसेवक'
बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत कहते रहे हैं कि कि भारत के हर शहर, हर कस्बे और हर गांव में एक संघ की शाखा होनी चाहिए, क्योंकि पूरे समाज ने उन्हें उनके लिए काम करने का अवसर दिया है. इसलिए संघ के स्वयंसेवकों को आगे बढ़कर समाज का नेतृत्व करना चाहिए. स्वयंसेवकों को देश की प्रगति के लिए काम करना चाहिए और हमें सभी मतभेदों को भुलाकर सभी नागरिकों को राष्ट्र और समाज कल्याण के लिए काम करना है, क्योंकि कमजोर समाज राजनीतिक स्वतंत्रता का आनंद नहीं ले सकता.

 

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