कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के बखरिया गांव में सोमवार को रिटायर्ड फौजी चेतराम पासवान ने अपनी पत्नी सुनीता वर्मा और नाबालिग बेटे दीप की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद चेतराम अपनी मोटरसाइकिल से कथोगर-इमलीपुर रेलवे अंडरपास पहुंचा और मालगाड़ी के सामने लेटकर अपनी जान दे दी. पुलिस को सुबह करीब 7:30 बजे रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद मृतक की शिनाख्त हुई. जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो वहां पत्नी और बेटे के खून से लथपथ शव बरामद हुए.
रेलवे ट्रैक पर मिली लाश से खुला राज
सोमवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली है. जेब में मिले आधार कार्ड और मोटरसाइकिल के कागजों से मृतक की पहचान चेतराम के रूप में हुई.
पुलिस जब सूचना देने उसके घर पहुंची, तो नजारा खौफनाक था. घर का दरवाजा बाहर से खुला हुआ था और कमरे के अंदर सुनीता (40) और दीप (16) की लाशें पड़ी थीं. पास ही वह डबल बैरल बंदूक भी मिली, जिससे हत्या को अंजाम दिया गया था.
हत्या और सुसाइड की वजह तलाश रही पुलिस
रिटायर्ड फौजी ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है. शुरुआती जांच में इसे पारिवारिक कलह से जोड़कर देखा जा रहा है. चेतराम ने पहले अपनों को मौत के घाट उतारा और फिर खुद भी दुनिया छोड़ दी.
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. गांव में इस घटना के बाद से मातम और दहशत का माहौल है. पुलिस अब हत्या के पीछे के असल मकसद और परिस्थितियों की गहराई से जांच कर रही है.