यूपी के अमेठी जिले से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आमतौर पर ऐसा किसी एयरपोर्ट या फिल्म में देखने को मिलता है, लेकिन यहां मामला कुछ अलग है. फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी परिसर के पास सड़क पर एक ट्रेनी विमान नजर आता है, जिसे उड़ान नहीं, बल्कि धक्का देकर आगे बढ़ाया जा रहा है. खास बात यह है कि इस विमान को कोई मशीन या वाहन नहीं, बल्कि पांच युवक मिलकर धक्का दे रहे हैं. जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
सड़क पर विमान, लोग हैरान
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक हल्का प्रशिक्षण विमान सड़क पर खड़ा है और कुछ युवक उसे पीछे से धक्का देकर आगे बढ़ा रहे हैं. आमतौर पर विमान को हैंगर या रनवे के भीतर ही विशेष उपकरणों की मदद से खींचा या धकेला जाता है. ऐसे में सड़क पर इस तरह विमान को ले जाना लोगों के लिए हैरानी की बात बन गया. जैसे ही वीडियो सामने आया, लोगों ने इसे तेजी से शेयर करना शुरू कर दिया.
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं. कुछ लोगों ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया और इसे ‘देसी जुगाड़’ बताया वहीं कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. कुछ ने पूछा कि आखिर विमान को इस तरह सड़क पर कैसे लाया गया. कई यूजर्स का कहना था कि अगर यह लापरवाही है, तो यह गंभीर मामला हो सकता है. वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ एक सामान्य प्रक्रिया मान रहे हैं. वीडियो में यह भी नजर आता है कि विमान को धक्का देने के साथ-साथ उसका वीडियो भी बनाया जा रहा है.
विभाग ने दी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद जब मामला चर्चा में आया, तो संबंधित विभाग की ओर से भी प्रतिक्रिया दी गई. अधिकारियों का कहना है कि यह कोई लापरवाही या सुरक्षा में चूक नहीं है. उनके मुताबिक, अकादमी परिसर में रखे पुराने और इस्तेमाल से बाहर हो चुके प्रशिक्षण विमानों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा था. इसी प्रक्रिया के तहत विमान को दीवार के पास ले जाया जा रहा था, और उसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया. हालांकि विभाग की सफाई सामने आने के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस तरह सड़क पर विमान को धक्का देकर ले जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है? विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे प्रशिक्षण विमानों को सीमित दूरी तक मानव बल से भी खिसकाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए नियंत्रित और सुरक्षित वातावरण जरूरी होता है. अगर यह काम खुले रास्ते पर किया गया है, तो सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.