scorecardresearch
 

फर्रुखाबाद: जेल में बंद कैदी तैयार कर रहे हर्बल गुलाल, इन चीजों का हो रहा है इस्तेमाल

फर्रुखाबाद की जिला जेल के बंदी हर्बल गुलाल बना रहे हैं. यह नेचुरल रंग और गुलाल सब्जियों से तैयार किए जा रहे हैं. पीले रंग के गुलाल को हल्दी से तैयार किया गया है. लाल गुलाल को बनाने में चुकंदर का इस्तेमाल हुआ है और हरे रंग के लिए पालक का. इनकी बिक्री जेल की कैंटीन से आम लोगों के लिए होगी.

Advertisement
X
जेल में बंद कैदियों ने बनाया गुलाल
जेल में बंद कैदियों ने बनाया गुलाल

होली का त्योहार पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. जेल में बंद कैदी भले ही अपने परिवार से दूर हैं, लेकिन अपने हुनर के बल पर अलग पहचान बना रहे हैं. बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने में जेल प्रशासन भी भरपूर सहयोग दे रहा है. फर्रुखाबाद की जिला जेल के बंदी हर्बल गुलाल बना रहे हैं. यह नेचुरल रंग और गुलाल सब्जियों से तैयार किए जा रहे हैं. आम लोगों को यह गुलाल कैंटीन से मिलेंगे साथ ही जेल में बंद बंदी भी इसी गुलाल से होली खेलेंगे.  

बंदियों ने हल्दी, चुकंदर और पालक जैसी सब्जियों से रंग व गुलाल बनाए हैं. गुलाल को बनाने में किसी केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है. ईको फ्रेंडली के साथ ही त्वचा के लिए भी अनुकूल है. जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद ने बताया कि होली के त्योहार को देखते हुए जेल के बंदियों ने प्राकृतिक तरीके से रंग व गुलाल बनाए हैं.

बंदियों ने जेल में बनाया नेचुरल गुलाल

पीले रंग के गुलाल को हल्दी से बनाया गया है. लाल गुलाल को बनाने में चुकंदर का इस्तेमाल किया गया है. हरे रंग के लिए पालक को प्रयोग में लाया गया है. इनकी बिक्री जेल की कैंटीन से आम लोगों के लिए होगी. बंदी भी इन्हीं रंगों से होली खेलेंगे.

जेल में नेचुरल गुलाल से खेली जाएगी होली

होली एक ऐसा त्योहार है, जिसमें बड़े-छोटों का भेद मिट जाता है तो गिले-शिकवे भूलकर दुश्मन भी गले मिल जाते हैं. रंग-गुलाल से धरती-आसमान लाल हो जाते हैं और ढोल-झाल की ताल पर जमकर धमाल होता है. त्योहार के बाद भी आपकी खुशियां बरकरार रहें, इसके लिए जरूरी है कि केमिकल मिले रंग-गुलाल से बचा जाए. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement