
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. इस संघर्ष के चलते कारण कई भारतीय नागरिक भी विदेशों में फंस गए हैं और उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सामने आया है, जहां एक युवक ईरान में फंसा हुआ है और वहां से उसने अपनी पत्नी को फोन कर मदद की गुहार लगा रहा है.
प्रयागराज के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के झापिया इलाके में रहने वाले शनि कुमार मर्चेंट नेवी में काम करते हैं. उनकी पत्नी विनीता के मुताबिक, शनि कुमार पहले दुबई में थे और वहां से एक पानी के जहाज के जरिए सामान लेकर ईरान गए थे. लेकिन इसी दौरान वहां युद्ध शुरू हो गया और वह वहीं फंस गए. अब हालात इतने खराब हो गए हैं कि खाने पीने की समस्या भी गंभीर होती जा रही है.
दो दिन पहले शनि कुमार ने अपनी पत्नी को फोन किया था. इस बातचीत में उन्होंने बताया कि वहां खाने पीने का सामान खत्म होता जा रहा है और हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं. साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि उन्हें जल्द से जल्द वापस बुलाया जाए क्योंकि उनकी जान को भी खतरा महसूस हो रहा है. यह सुनकर परिवार के लोगों में चिंता और डर का माहौल बन गया है.
ईरान में फंसा प्रयागराज का युवक
इस खबर के बाद से घर में बेचैनी का माहौल है. पत्नी विनीता की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे हैं. वह कभी अपने पति की तस्वीर को देखती हैं तो कभी भगवान से उनकी सलामती की प्रार्थना करती हैं. घर में पूजा-पाठ का सिलसिला भी शुरू हो गया है. हर कोई यही दुआ कर रहा है कि शनि कुमार सुरक्षित अपने घर लौट आएं.
विनीता अपने ढाई साल के छोटे बच्चे के साथ अपने नाना के साथ रहती हैं. परिवार के बुजुर्ग रघुनाथ भी इस स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं. उनका कहना है कि इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं आई और अब पूरा परिवार सरकार से उम्मीद लगाए बैठा है कि जल्द कोई मदद मिलेगी और शनि कुमार सुरक्षित वापस आ सकेंगे.

जानकारी के मुताबिक, शनि कुमार करीब 10 महीने पहले छुट्टियों पर अपने घर प्रयागराज आए थे. छुट्टियां खत्म होने के बाद वह वापस दुबई चले गए और वहीं से जहाज के जरिए ईरान गए थे. लेकिन वहां अचानक युद्ध शुरू हो जाने के कारण वह वहीं फंस गए.
फोन पर पत्नी को बताया खाने-पीने की गंभीर समस्या
शनि कुमार की पत्नी विनीता ने भारत सरकार को चिट्ठी लिखकर अपने पति को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि उनके पति की जान खतरे में है और सरकार को इस मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए.
परिवार के लोगों का कहना है कि हर दिन उनके लिए चिंता और डर लेकर आता है. फोन आने का इंतजार रहता है और हर कॉल के साथ एक नई चिंता जुड़ जाती है. विनीता अपने छोटे बच्चे को संभालते हुए लगातार अपने पति के लिए दुआ कर रही हैं और चाहती हैं कि जल्द से जल्द उनके पति घर लौट आएं.
यह मामला सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं है, बल्कि उन सभी भारतीयों की चिंता को दिखाता है जो इस समय युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे हुए हैं. अब सभी की नजरें सरकार की ओर हैं कि वह कब तक इन लोगों को सुरक्षित वापस ला पाती है. विनीता ने बताया कि उनके पति ने फोन कर बताया कि वहां खाने पीने की बहुत दिक्कत हो रही है. उन्होंने वापस बुलाने को कहना है. मैं सरकार से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाए.
भारत सरकार से लगाई सुरक्षित वापसी की गुहार
इसके अलावा शनि कुमार के नाना रघुनाथ ने बताया कि हम लोग बहुत परेशान हैं. बच्चा छोटा है और घर की हालत ठीक नहीं है. सरकार से यही उम्मीद है कि जल्द से जल्द उन्हें वापस लाया जाए.