UP News: संगम नगरी प्रयागराज के नैनी बाजार स्थित चैंपियन गली में 12 मई की रात एक हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया. संजीवनी क्रॉकरी के मकान में अचानक लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. इस भयावह हादसे में अपनी जान की परवाह न करते हुए एक मां ने सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देकर अपने तीन बच्चों को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वह खुद इतनी गंभीर रूप से झुलस गई कि अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया. मां अर्चना का बच्चों को बचाने का वीडियो अब शहर में चर्चा का विषय है.
हादसे के समय का एक बेहद भावुक और विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है. वीडियो फुटेज में साफ दिखता है कि धुएं और लपटों के बीच अर्चना काफी देर तक लड़ती रही.
हाथों के सहारे थामा 1 साल का मासूम
अर्चना ने सबसे पहले खिड़की से लटककर अपने महज एक साल के मासूम बच्चे को नीचे खड़े पड़ोसियों की तरफ बढ़ाया, जिसे लोगों ने सुरक्षित कैच कर लिया.
सीढ़ी से बेटियों को पहुंचाया सुरक्षित
इसके बाद उसने हिम्मत न हारते हुए एक छत से दूसरी छत के बीच लोहे की सीढ़ी लगाई. अर्चना ने अपनी 13 साल और 10 साल की दो बेटियों को उस संकरी सीढ़ी के सहारे पड़ोसी की सुरक्षित छत पर पार कराया.
संकरी गली और दमकल की गाड़ियों में देरी बनी काल
स्थानीय लोगों के अनुसार, चैंपियन गली बेहद संकरी होने के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आईं. शॉर्ट सर्किट से लगी आग इतनी तेजी से फैली कि घर के नीचे से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और परिवार ऊपरी मंजिल पर कैद हो गया.
12 गाड़ियों ने पाया काबू
सूचना मिलने के बाद भी दमकल की गाड़ियों को संकरी गली के कारण मौके पर पहुंचने में समय लगा. हालांकि बाद में दमकल की 12 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. देखें VIDEO:-
बच्चों को सुरक्षित निकालने के ठीक बाद अर्चना आग और धुएं की चपेट में आकर पूरी तरह घिर गई. रेस्क्यू टीम जब तक उसे निकाल पाती, वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी.
भाभी पैर टूटने से बची, बेटी ICU में भर्ती
इस खौफनाक मंजर के दौरान घर में मौजूद अर्चना की भाभी सरिता ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी. ऊंचाई से गिरने के कारण उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है. वहीं, अर्चना की 13 साल की बड़ी बेटी भी आग की तपन से थोड़ी झुलस गई है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है.
प्रयागराज का हर नागरिक आज अर्चना की इस बहादुरी और ममता को नमन कर रहा है, जिसने खुद जलकर अपने बच्चों को नया जीवन दान दे दिया.