नोएडा में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. एक तरफ सीपीएम और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल मजदूरों से मिलने के लिए नोएडा पहुंचे, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के दौरे ने भी राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया. अजय राय नोएडा के सेक्टर-52 स्थित अपने महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव के घर पहुंचे, जहां उनके घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. अजय राय ने आरोप लगाया कि नोएडा पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया है और उन्हें बाहर जाने से रोका जा रहा है.
अजय राय का कहना है कि वो अपने जिला अध्यक्ष दीपक चोटीवाला से मिलने जा रहे थे, जिनका पैर टूट गया है. उन्होंने कहा कि जैसे ही वह घर से निकले, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और आगे जाने की अनुमति नहीं दी. पुलिस ने यह भी कहा कि वह मजदूरों से मिलने जा सकते हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया. इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए अजय राय ने कहा कि उन्हें जानबूझकर रोका जा रहा है ताकि वह मजदूरों से मुलाकात न कर सकें. उन्होंने कहा कि मौका मिलने पर वह जरूर मजदूरों से मिलेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे.
अजय राय का आरोप, पुलिस ने घर से बाहर निकलने से रोका
इसके अलावा अजय राय ने कहा कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया. सात ही उन्होंने कहा कि वह किसी भी बनावटी गिरफ्तारी का हिस्सा नहीं बनना चाहते और इसलिए पुलिस लाइन जाने से मना कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि वह फिलहाल अपने कार्यकर्ता के घर पर हैं, जहां उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया है. उन्होंने पुलिस से कहा कि मजदूरों को रिहा किया जाए और अगर जरूरत हो तो उन्हें जेल भेज दिया जाए. अजय राय ने मांग की कि मजदूरों की सैलरी बढ़ाई जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं.
महिलाओं से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
अजय राय ने यह भी आरोप लगाया कि जिन पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ मारपीट की है, उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए. इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद नोएडा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्षी दल लगातार प्रशासन और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है.