उत्तर प्रदेश के नोएडा में जमीन की रजिस्ट्री कराना अब पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित होगा. सरकार ने एक नई सुविधा शुरू करने का फैसला किया है जिसमें अंगूठे के निशान की जगह आंख (आईरिस) स्कैन से पहचान की जाएगी.
अक्सर देखा गया है कि बुजुर्ग लोगों के अंगूठे के निशान मशीन से ठीक से नहीं पकड़ में आते. बढ़ती उम्र, सूखी त्वचा या घिसी हुई उंगलियों की वजह से फिंगरप्रिंट मशीन काम नहीं करती. इस वजह से रजिस्ट्री में देरी होती थी और लोगों को अलग-अलग कागज दिखाने पड़ते थे.
क्या बदलेगा?
अब रजिस्ट्री दफ्तरों में आईरिस स्कैन मशीनें लगाई जाएंगी. जिन लोगों का अंगूठा नहीं पकड़ेगा, उनकी पहचान आंख स्कैन करके की जाएगी. इससे यह पक्का हो सकेगा कि जमीन खरीदने और बेचने वाला इंसान सही है या नहीं.
यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने के लिए भी उठाया गया है. पहले से ही 2 फरवरी से आधार सत्यापन जरूरी किया जा चुका है, अब आईरिस स्कैन से यह प्रक्रिया और पक्की हो जाएगी.
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कब से मिलेगी सुविधा?
सरकार ने सभी तहसीलों को ये मशीनें खरीदने के आदेश दे दिए हैं. अधिकारी अरुण कुमार शर्मा के मुताबिक खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही यह सुविधा चालू हो जाएगी.
फायदा किसे?
इस बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों को होगा. रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज, सटीक और पारदर्शी बनेगी और लोगों को कम परेशानी झेलनी पड़ेगी.