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बांग्लादेश में हिंदुओं पर जुल्म को लेकर नोएडा-गाजियाबाद में प्रोटेस्ट, सांसद महेश शर्मा भी पहुंचे

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हिंसा को लेकर नोएडा-गाजियाबाद में हिंदू संगठन विरोध में उतर आए हैं. विरोध प्रदर्शन में शामिल होने सांसद महेश शर्मा भी पहुंच गए हैं.

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गाजियाबाद और नोएडा में बड़ी संख्या में विरोध करने पहुंच लोग
गाजियाबाद और नोएडा में बड़ी संख्या में विरोध करने पहुंच लोग

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हिंसा को लेकर नोएडा-गाजियाबाद में हिंदू संगठन विरोध में उतर आए हैं. नोएडा में यह विरोध प्रदर्शन सेक्टर-33 इस्कॉन टेंपल के पीछे ग्राउंड में चल रहा है. विरोध प्रदर्शन में शामिल होने सांसद महेश शर्मा भी पहुंच गए हैं. 

मंच पर साधु-संत भी मौजूद

विरोध प्रदर्शन में हिन्दू संगठनों के सीनियर नेता भी मौजूद हैं. साथ ही साधु संत भी विरोध प्रदर्शन में पहुंचे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की बवाल न होने पाए, इसको लेकर सुरक्षा में भारी पुलिस बल को भी तैनात किया है. प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोग भारत सरकार से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हिंसा को लेकर कड़े एक्शन की मांग कर रहे हैं.

गाजियाबाद में भी बड़ी संख्या में विरोध करने पहुंचे लोग

बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमले के विरोध का असर दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी देखने को मिला. बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई और वहां पर रह रहे हिंदुओं पर लगातार उत्पीड़न प्रताड़ना और हिंसा के विरोध में गाजियाबाद में प्रचंड विरोध प्रदर्शन किया गया. साथ ही विरोध प्रदर्शन में जुटे लोगों ने हिंसा के खिलाफ राष्ट्रपति को ज्ञापन देने की भी बात कही.

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प्रदर्शन में शामिल आशीष ने कहा कि पूरे विश्व समुदाय को जो प्रयास किया जाना चाहिए था, वह अभी तक उस स्तर पर नहीं हो रहा है. बांग्लादेश में हिंदुओं के इस विनाश पर पूरा विश्व समुदाय व विश्व की तथा-कथित शांति संगठन भी मौन व्रत लिए हुए हैं. विश्व में शांति स्थापित करने वाले व कथित मानव अधिकार संगठन एवं वैश्विक संगठन भी बांग्लादेश में हिंदुओं के विनाश और हिंदू महिलाओं के जबरन धर्मांतरण व बलात्कार पर आंखें मूंदे हुए हैं. प्रदर्शन में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील और जाने माने PIL दायर करने वाले अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि मजहब अगर बैर रखना नहीं सिखाता तो गाजियाबाद, गाजीपुर जैसे कई शहरों के नाम क्यों बदले गए?

अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि भारत के पाखंडी समाजवादी मुंह बंद करके बैठे हैं. वहां यादव, पटेल, बंद, केवट, कुर्मी सभी रहते हैं. 15वीं शताब्दी में वहां कोई मुस्लिम नहीं था. 5 शक्तिपीठ बांग्लादेश में हैं और 1 पाकिस्तान में है. 

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि बांग्लादेश में हुई महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर वो गुस्से में हैं और कहा कि हमने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी है. हिंदू समाज रक्षा समिति ने कहा कि बांग्लादेश की सरकार भी कट्टरपंथियों के समर्थन में लगातार हिंदू समुदाय पर जुल्म पर मूकदर्शक बनी हुई है. बांग्लादेश में हिंदू नरक के समान जीवन व्यतीत कर रहा है. पुलिस प्रशासन व किसी भी संस्था से उसे किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिल रही है. 

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बांग्लादेश में जो वर्तमान में वातावरण है, वह हिंदू समुदाय के लिए इस कदर भयानक हो चुका है कि वहां की सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं सभी मिलकर हिंदू समाज का शोषण कर रहे हैं. इस्कॉन एवं अन्य हिंदू समाज के संगठनों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस संबंध में लोकतांत्रिक तरीके से वहां पर अपने कष्ट को प्रकट किया था, किंतु कट्टरपंथियों के प्रभाव वाली वहां की सरकार ने दमनकारी नीति अपनाते हुए सभी को जेल में डाल दिया या उनके विरुद्ध झूठे मुकदमे पंजीकृत कर दिए हैं. 


भारत के अन्य हिंदू समाज के साथ-साथ गाजियाबाद जनपद का हिंदू समाज भी बांग्लादेश में हिंदुओं की इस दुर्दशा तथा उनके विरुद्ध लगातार किए जा रहे हमले से सदमे की स्थिति में है.
समिति ने आधिकारिक बयान में कहा कि गाजियाबाद का समस्त हिंदू समाज राष्ट्रपति से यह मांग करता है कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, उनके संपत्तियों के विनाश व हिंदू महिलाओं के साथ किए जा रहे बलात्कार एवं उनके जबरन धर्मांतरण को रोकते हुए इस संबंध में कठोर कार्रवाई की मांग करता है. साथ ही बांग्लादेश के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध की मांग करता है. 

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मुहम्मद यूनुस ने धार्मिक गुरुओं से की मुलाकात

बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी हमलों के बीच देश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस ने धार्मिक गुरुओं से मुलाकात की. उन्होंने धार्मिक गुरुओं से मुलाकात कर देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की सटीक जानकारी मांगी. 

मोहम्मद यूनुस ने धार्मिक गुरुओं से मुलाकात कर कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमले का मामला फिर सामने आया है. लेकिन  वास्तविकता और विदेशी मीडिया में छप रही खबरों में जमीन-आसमान का अंतर है. उन्होंने कहा कि हम इस संबंध में सटीक जानकारी चाहते हैं और इस जानकारी को हासिल करने की प्रक्रिया स्थापति करना चाहते हैं.

 
हालांकि, मुहम्मद यूनुस ने किसी विशेष विदेशी मीडिया का उल्लेख नहीं किया लेकिन उनकी अंतरिम कैबिनेट के कई सहयोगी भारतीय मीडिया के एक वर्ग पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हैं.

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चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा

बांग्लादेश के चटगांव इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं. चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के विरोध में हिंदू समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं. इस दौरान उन पर BNP और जमात के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था, जिसमें 50 हिंदू घायल हो गए थे.

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चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने हर जिले में शांतिपूर्ण सभाएं आयोजित कीं. हालांकि इन शांतिपूर्ण सभाओं पर चरमपंथी समूहों ने हमले किए. इस्लामिक समूहों ने चटगांव में हिंदू समुदाय के सदस्यों पर हमला किया.

कौन हैं चिन्मय दास

चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी बांग्लादेश सनातन जागरण मंच के प्रमुख नेता और इस्कॉन चटगांव के पुंडरीक धाम के अध्यक्ष हैं. उन्हें लोग चिन्मय प्रभु नाम से भी जानते हैं. वह बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ सशक्त आवाज उठाते रहे हैं. बांग्लादेश में इस्कॉन के 77 से ज्यादा मंदिर हैं, और लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग इस संगठन से जुड़े हुए हैं. 

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