दिल्ली से सटे नोएडा में तेजी से बढ़ रही हाईराइज बिल्डिंग्स में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए फायर विभाग लगातार नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है. इसी क्रम में नोएडा में कम्प्रेश्ड एयर फोम (CAF) आधारित हाईराइज फायर फाइटिंग व्हीकल का सफल ट्रायल किया गया.
यह ट्रायल दिल्ली NCR की सबसे ऊंची बिल्डिंग सुपरनोवा की 45वीं मंजिल पर किया गया है, जहां इस अत्याधुनिक व्हीकल की क्षमता को परखा गया. ट्रायल के दौरान यह देखा गया कि यह वाहन तकरीबन 300 मीटर की ऊंचाई तक आसानी से पानी और फोम पहुंचाने में सक्षम है, जिससे ऊंची इमारतों में लगी आग पर तेजी से काबू पाया जा सकता है.
अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक में पानी और कंप्रेस्ड एयर को मिलाकर एक विशेष प्रकार का फोम तैयार किया जाता है. यह फोम आग बुझाने में अधिक प्रभावी होता है और 100 मंजिल तक की ऊंचाई पर लगी आग को भी नियंत्रित करने की क्षमता रखता है.
इस हाईराइज फायर फाइटिंग व्हीकल की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इसके जरिए अग्निशमन कर्मियों को इमारत के अंदर जाकर आग बुझाने में काफी सहायता मिलती है, जिससे रिस्क कम होता है और रेस्क्यू ऑपरेशन अधिक सुरक्षित बनता है.
बताया जा रहा है कि यह तकनीक विश्व की नई और आधुनिक फायर फाइटिंग तकनीकों में शामिल है. वर्तमान में भारत में इस तरह के केवल दो वाहन गुजरात अग्निशमन विभाग ने खरीदे हैं. देखें VIDEO:-
ट्रायल के दौरान डीजी फायर सुजीत पांडे भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने इस तकनीक को हाईराइज इमारतों के लिए बेहद उपयोगी बताया.
DG फायर ने कहा कि इस तरह की आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा.