नोएडा में पिछले तीन दिनों से चल रहा प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया. वेतन बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह से ही सड़कों पर उतर आए. पथराव और पुलिस से भिड़ंत के बाद नोएडा फेज-2 छावनी बन गया है. गुस्साए श्रमिकों ने सेक्टर-84 और आसपास के इलाकों में जमकर उत्पात मचाया, पथराव किया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया.
प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-84 में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया जिसमें दो गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं. स्थिति को बिगड़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया. जवाब में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए. फिलहाल, फेज-2 के अलग-अलग इलाकों में तनाव बना हुआ है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है.
अलग-अलग कंपनियों में कार्यरत प्रदर्शनकारी लंबे समय से वेतन वृद्धि और कामकाजी परिस्थितियों में सुधार की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि महंगाई के दौर में मौजूदा सैलरी पर्याप्त नहीं है, जिससे उनका जीवनयापन प्रभावित हो रहा है. इस हंगामे के कारण फेज-2 और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम पूरी तरह ठप हो गया है. सड़कों पर अफरा-तफरी के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है.
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन हरकत में आया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की गई. हालांकि, जब भीड़ काबू से बाहर होती दिखी, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर तितर-बितर किया. इसके बाद कई स्थानों पर हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे, लेकिन इलाके में तनाव अब भी बना हुआ है.
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
इससे एक दिन पहले जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में उनकी मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया था. इसके बावजूद उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया.
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इससे पहले योगी सरकार ने कर्मचारियों के हित में लिया था बड़ा फैसला
इससे पहले योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. इन फैसलों के तहत गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है. यह फैसला नोएडा में लगातार कंपनी मालिकों की मनमानी और सैलरी में देरी व अनियमितताओं के विरोध में तीन दिनों से काम बंद कर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है. हालांकि इसके बाद भी कर्मचारी सोमवार की सुबह से नोएडा के फेज 2 इलाके में प्रदर्शन कर रहे हैं.
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी.
मानेसर में भी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
इससे पहले गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र IMT मानेसर में भी पिछले दिनों कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था. कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा धारा 163 लागू कर दी गई है. बताया जाता है कि हड़ताली कर्मी भारी संख्या में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें चेतावनी देकर मौके से हटने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए थे. स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) कर भीड़ को तितर-बितर किया.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. कंपनियों के परिचालन में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है. वही हड़ताली कर्मियों और प्रबंधन के बीच मांगों को लेकर गतिरोध अभी भी बना हुआ है. प्रशासन दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है ताकि उद्योग सुचारू रूप से चल सकें.