नोएडा वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाते हुए 50 नई सिटी ई-बसें चलाने का फैसला किया है. इसके लिए प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के साथ समन्वय कर बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई है. इस पहल से शहर के लाखों यात्रियों को आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है.
दरअसल, यह बस सेवा शहर के कई प्रमुख इलाकों को जोड़ते हुए चार अहम रूटों पर संचालित की जाएगी. प्रस्तावित रूट में सेक्टर-90 डिपो और बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक (एक मूर्ति), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट), सेक्टर-62 और फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र होते हुए सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक का सफर शामिल है.
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इससे शहर के प्रमुख आवागमन मार्ग एक-दूसरे से सीधे जुड़ जाएंगे. नई बस सेवा से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सेक्टर-62 और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
चार्जिंग और डिपो की आधुनिक सुविधाएं
बसों के संचालन के लिए सेक्टर-90 बस डिपो में ई-चार्जिंग प्वाइंट, सर्विस स्टेशन और ड्राइवर-कंडक्टर के लिए वर्कशॉप जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. यहां 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनकी मदद से एक साथ 50 बसों को चार्ज किया जा सकेगा. इसके अलावा बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर चार ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जिनसे आठ बसों को चार्ज करने की व्यवस्था होगी.
बताया गया है कि मोरना बस डिपो में भी ई-चार्जिंग की सुविधाएं पहले से तैयार कर ली गई हैं. इससे बसों के संचालन में किसी तरह की तकनीकी बाधा नहीं आएगी और सेवा सुचारू रूप से चल सकेगी.
बसों का संचालन UPSRTC द्वारा तय किराए पर किया जाएगा, जबकि संचालन में होने वाले घाटे (VGF) का खर्च नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा.
ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद
नई बस सेवा शुरू होने के बाद बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-62, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जेवर एयरपोर्ट, फेस-2 इंडस्ट्रियल एरिया और कलेक्ट्रेट तक सफर आसान हो जाएगा. इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
गौरतलब है कि नोएडा में इंटरसिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी के कारण लोग ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सी पर निर्भर रहते हैं. सबसे ज्यादा परेशानी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को होती है. नई ई-बस सेवा शुरू होने से छोटे वाहनों की संख्या कम होने और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.