Uttar Pradesh News: मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित साकेत कॉलोनी में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. ग्रीन चैंबर स्कूल का यह छात्र परीक्षा में फेल होने के कारण गहरा सदमे में था. स्कूल से लौटने के बाद जब घर पर कोई नहीं था, तब उसने कमरे में खुद को कैद कर यह आत्मघाती कदम उठाया. छात्र के दोस्तों ने फोन न मिलने पर जब घर जाकर देखा, तब घटना का पता चला. परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके से मिले सुसाइड नोट में छात्र ने लिखा कि अब उससे कोई गलती नहीं होगी और सबको 'अलविदा' कह दिया.
भावुक सुसाइड नोट और परिजनों का गम
मृतक छात्र ने सुसाइड नोट में अपनी निराशा व्यक्त करते हुए लिखा, "अगर कोई गलती हो गई हो तो माफ कर देना, अब से कोई गलती नहीं होगी. गुड बाय एवरीवन." इस घटना के बाद से साकेत कॉलोनी में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने इस मामले में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई करने से फिलहाल इनकार कर दिया है. छात्र ने यह कदम तब उठाया जब वह स्कूल के बाकी साथियों के पास होने और खुद के फेल होने से मानसिक रूप से टूट गया था.
SSP की अभिभावकों और बच्चों से अपील
घटना पर दुख जताते हुए मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि यह एक बेहद खेदजनक विषय है. उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि जिंदगी परीक्षाओं से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि असफलता स्थायी नहीं होती और कई बार संघर्ष के बाद ही बड़ी सफलता मिलती है. एसएसपी ने जोर देकर कहा कि कई बार कम अंक पाने वाले छात्र भी आगे चलकर आईएएस या डॉक्टर बनते हैं, इसलिए बच्चों को हताश होकर ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए.
बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने की सलाह
एसएसपी ने अभिभावकों (गार्जियंस) को विशेष सलाह दी है कि वे अपने बच्चों का ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि यदि बच्चा किसी कारणवश असफल हो जाता है, तो उस पर तंज न कसें और न ही कोई ऐसी बात कहें जिससे वह मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस करे. फ्रस्ट्रेशन में आकर बच्चे अक्सर गलत कदम उठा लेते हैं, इसलिए उनसे संवाद बनाए रखना जरूरी है.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)