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'...तो ईद पर चटनी-रोटी खाएं क्या', वाराणसी नगर निगम के नवरात्रि पर मीट शॉप बंद रखने के आदेश पर भड़के स्थानीय मुस्लिम

वाराणसी नगर निगम ने चैत्र नवरात्रि की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए 19 मार्च से शहर की सभी मीट, मछली और मुर्गे की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है. नवरात्रि के बीच ही ईद का पर्व पड़ने के कारण मुस्लिम समाज और मांस विक्रेता इस फैसले को नाइंसाफी बताकर रियायत की मांग कर रहे हैं.

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वाराणसी में मीट शॉप बंद करने का आदेश (Photo- ITG)
वाराणसी में मीट शॉप बंद करने का आदेश (Photo- ITG)

वाराणसी में बुधवार को नगर निगम के महापौर अशोक तिवारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक में 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि के दौरान नगर निगम सीमा के भीतर मीट, मुर्गा और मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया. यह आदेश स्मार्ट सिटी सभागार में धार्मिक वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, जो 186 वर्ग किलोमीटर की परिधि और सभी 100 वार्डों में लागू होगा.

हालांकि, नवरात्रि के दूसरे या तीसरे दिन पड़ने वाली ईद के कारण मुस्लिम परिवारों और मांस विक्रेताओं में नाराजगी है, क्योंकि वे इसे त्योहार के समय ज्यादती मान रहे हैं. नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी सांदीप श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सभी से सहयोग की अपील की है.

वहीं, इस फैसले के विरोध में स्थानीय मुस्लिमों ने कहा कि क्या इस बार ईद पर मेहमानों को चटनी-रोटी या आलू-रोटी खिलाया जाए? लोग नगर निगम द्वारा नवरात्रि पर मीट-मांस की दुकानों के बंद करने के फैसले से भड़के हैं. 

ईद और नवरात्रि एक साथ, छिड़ा विवाद

आपको बता दें कि वाराणसी में इस बार शक्ति आराधना और ईद के त्योहार आमने-सामने हैं. नगर निगम के फैसले से 19 मार्च से मांस की दुकानें बंद रहेंगी, जिसका सीधा असर ईद के जश्न पर पड़ेगा. जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सभी की भावनाओं का ख्याल रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. दूसरी ओर, मुस्लिम समाज का कहना है कि ईद पर नॉनवेज न मिलना उनके त्योहार के उत्साह को फीका कर देगा. प्रशासन ने देवी मंदिरों के आसपास सफाई और प्रकाश के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं.

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मीट विक्रेताओं और खरीदारों की मांग

नगर निगम के इस फैसले से मीट विक्रेता और खरीदार खासे नाखुश नजर आ रहे हैं. विक्रेताओं का तर्क है कि वे नवरात्रि के 9 दिन दुकान बंद रखने को तैयार हैं, लेकिन ईद के दिन उन्हें कम से कम एक दिन की रियायत मिलनी चाहिए क्योंकि इसी दिन उनकी अच्छी कमाई होती है. वहीं, खरीदारों का कहना है कि घर आने वाले मेहमानों के लिए नॉनवेज जरूरी है और बंदी के कारण उन्हें परेशानी होगी. कुछ लोग बंदी से पहले ही मांस स्टॉक करने की बात कर रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासन की नाइंसाफी बता रहे हैं. 

प्रशासन सख्त, कार्रवाई की चेतावनी

वाराणसी नगर निगम ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन कड़ाई से कराया जाएगा. सांदीप श्रीवास्तव के अनुसार, यह प्रतिबंध पूरे निगम क्षेत्र की परिधि में प्रभावी रहेगा. अगर कोई भी दुकानदार चोरी-छिपे बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. फिलहाल शहर में त्योहारों के बीच इस नए विवाद ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. प्रशासन का पूरा जोर शांतिपूर्ण ढंग से दोनों त्योहारों को संपन्न कराने और शहर के धार्मिक माहौल को शुद्ध बनाए रखने पर है. 

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