scorecardresearch
 

अतीक और अशरफ को 'शेर' कहने वाला रिसेप्शनिस्ट गिरफ्तार, मेडिकल कॉलेज में करता है काम

अतीक और अशरफ के समर्थन में पोस्ट करने वाले बयानबाजी करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है. बिहार से लेकर यूपी में दोनों के समर्थन में लोगों ने अपनी राय दी है. बरेली में निजी कॉलेज में काम करने वाले युवक को पुलिस गिरफ्तार किया है. उसने अतीक और अशरफ को 'शेर' बताया था.

Advertisement
X
अशरफ और अतीक अहमद (File Photo).
अशरफ और अतीक अहमद (File Photo).

यूपी के बरेली में निजी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी को गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रशंसा करना महंगा पड़ा गया. उसने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को 'शेर' बताया था. इसी पोस्ट के आरोप में उसे मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. 

एजेंसी की मुताबिक, बरेली के रहने वाला राजिक अली निजी मेडिकल कॉलेज में रिसेप्शनिस्ट का काम करता है. उसने अपने सोशल मीडिया पर अतीक और अहमद को शेर (बाघ) के बताते हुए पोस्ट की थी. देखते ही देखते उसकी पोस्ट वायरल हो गई. राजिक के खिलाफ कुछ हिंदू संगठनों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी. 

मामला सामने आने के बाद बिठारी चैनपुर थाना पुलिस ने राजिक के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया और गिरफ्तार किया गया. थाने के एसएचओ अश्विनी कुमार ने कहा कि फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है.

गौरतलब है कि 15 अप्रैल की रात करीब 10.36 बजे अतीक अहमद और अशरफ अहमद की तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. दोनों को मेडिकल चेकअप के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया है. हमलवार पत्रकार बनकर आए थे.

Advertisement

सनी सिंह के खिलाफ 15 केस

दर्ज सनी सिंह हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे का रहने वाला है. वो कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281A है. उसके खिलाफ करीब 15 केस दर्ज हैं. उसके भाई पिंटू ने बताया कि वो बीते 10 साल से अपने घर नहीं आया है. सनी के पिता जगत सिंह और मां की मौत हो चुकी है. सनी के तीन भाई थे, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है और दूसरा भाई पिंटू घर पर रहता है और चाय की दुकान चलाता है. भाई ने बताया कि ये ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था. हम उससे अलग रहते हैं, वो बचपन में ही घर से भाग गया था.

अरुण के खिलाफ कई मामले

अतीक-अशरफ हत्याकांड में कासगंज का अरुण उर्फ कालिया भी शामिल था. वो सोरों थाना क्षेत्र के बघेला पुख्ता का रहने वाला है. अरुण के पिता का नाम हीरालाल बताया जा रहा है. वो छह साल से बाहर रह रहा था. उसके माता-पिता की मौत करीब 15 पहले हो चुकी थी. अरुण ने जीआरपी थाने में तैनात पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी, जिसके बाद से ही वो फरार है. अरुण के दो छोटे भाई भी हैं, जिनके नाम धर्मेंद्र और आकाश हैं, जोकि फरीदाबाद में रहकर कबाडे का काम करते हैं.

Advertisement

पहले भी जेल जा चुका है लवलेश

बांदा में लवलेश तिवारी के घर का पता चल गया है. वो शहर कोतवाली के क्योतरा इलाके का रहने वाला है. उसके पिता ने आजतक से बात करते हुए कहा कि हमसे उसका कोई मतलब नहीं था. वह कभी-कभी ही घर आता-जाता था. 5-6 दिन पहले ही बांदा आया था. लवलेश इससे पहले एक मामले में जेल भी जा चुका है. लवलेश के खिलाफ चार पुलिस केस हैं. इनमें पहले मामले में उसे एक महीने की सजा हुई थी. दूसरा मामला लड़की को थप्पड़ मारने का था, उसमें डेढ़ साल की जेल हुई थी. तीसरा मामला शराब से जुड़ा हुआ था, इसके अलावा एक और मामला है.

 

Advertisement
Advertisement