
लखनऊ के मलिहाबाद में हुए ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपी 70 साल के सिराज उर्फ लल्लन खान से बरामद हथियारों की तस्वीर सामने आई है. ये तस्वीर उस वक्त की है जब लल्लन को 1985 में तत्कालीन एसपी सिटी और पूर्व डीजीपी बृजलाल ने चौक इलाके से गिरफ्तार किया था. तब उसके ठिकाने से कई हथियार और कारतूसों का जखीरा बरामद हुआ था.
'आज तक' को मिली इस तस्वीर में तत्कालीन एसपी सिटी बृजलाल उन हथियारों को खुद चेक करते नजर आ रहे हैं. इसमें कई विदेशी हथियार भी शामिल हैं, जैसे- जर्मन आर्मी की माउजर, राइफल और कई प्रतिबंधित असलहे. साथ ही तस्वीर में बड़ी संख्या में कारतूस भी दिखाई पड़ रहे हैं.
इन सब चीजों को लल्लन खान के दुबग्गा इलाके में स्थित घर से तत्कालीन एसपी सिटी रहे बृजलाल ने बरामद किया था. छापेमारी को याद करते हुए बृजलाल कहते हैं कि उस समय लल्लन के घर से 30 माउजर बरामद हुई थीं. चौक इलाके से पुलिस ने घर से जो असलहे बरामद किए थे, उनको दरी पर बिछाकर लल्लन खान को बैठाया गया था और तस्वीर खींची गई थी.

इसी लल्लन ने बीते शुक्रवार को भतीजी समेत तीन लोगों को राइफल से गोली मारी थी. लल्लन के साथ उसका बेटा भी इस हत्याकांड में शामिल था. फिलहाल, पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया है. जमीनी विवाद में खूनी खेल खेला गया था.
विदेशी हथियारों का शौकीन रहा है लल्लन
गौरतलब है कि लल्लन पुराना हिस्ट्रीशीटर है. उसके ऊपर दर्जन भर से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. वो अपने दौर का छंटा हुआ बदमाश रह चुका है. 1980 के दशक में उसकी तूती बोलती थी. वो घोड़े से चलता था और खुद को गब्बर सिंह कहलाना पसंद करता था.
पुलिस ने उसके पास से जो डबल बैरल बंदूक बरामद की है, वह चेकोस्लोवाकिया की है. हालांकि, वारदात को 315 बोर की टेलिस्कोप की राइफल से अंजाम दिया गया था.
सीसीटीवी में कैद हुआ था हत्याकांड
इस हत्याकांड का सीसीटीवी सामने आया है, जिसमें 70 साल का लल्लन राइफल चलाते हुए नजर आ रहा है. जमीन विवाद में लल्लन ने बेटे फराज के साथ मिलकर अपने ही परिवार के 15 साल के लड़के समेत 3 लोगों की गोली मारकर हत्या की है.
लल्लन ने अपने बेटे फराज खान व दो अज्ञात लोगों के साथ पीड़ित फरीद के घर पर धावा बोल दिया था. पहुंचते ही उसने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. जिसमें फरीद के (15) वर्षीय बेटे हंजला, पत्नी फरहीन (35) और बीच-बचाव करने पहुंचे फरीद के चाचा मुनीर (55) को गोलियां लग गईं. मौके पर ही तीनों की मौत हो गई. घटना करने के बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले. लेकिन 36 घंटे में पुलिस ने उन्हें धर दबोचा.