यूपी के महोबा जिले में सत्ताधारी दल बीजेपी के भीतर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए. दीपाली का दावा है कि जिला उपाध्यक्ष पद के बदले उन पर हम बिस्तर होने का अनैतिक दबाव बनाया गया. वहीं जिला अध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि धूमिल करने की साजिश बताया है. मामले में दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी है.
दरअसल महोबा में भारतीय जनता पार्टी के भीतर मची रार अब सड़कों और सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है. नई जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष की सुगबुगाहट थी, लेकिन पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी के फेसबुक लाइव ने इस सुगबुगाहट को एक बड़े सियासी तूफान में बदल दिया है. दीपाली तिवारी ने सीधे तौर पर जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर पद के बदले हमबिस्तर होने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
दीपाली ने बात नहीं मनाने पर पार्टी से निकाले जाने का लगाया आरोप
दीपाली का कहना है कि जब उन्होंने जिला उपाध्यक्ष पद के लिए बात की, तो जिला अध्यक्ष ने उनके सामने ऐसी शर्त रखी जिसे सुनकर वह दंग रह गईं. आरोप है कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें दिल्ली और लखनऊ साथ चलने का प्रस्ताव दिया और बात न मानने पर पद से हटाने या पार्टी से बाहर करने की धमकी दी. बात यहीं खत्म नहीं होती. दीपाली ने आरोप लगाया कि पार्टी के दो अन्य बड़े पदाधिकारी जिला महामंत्री और जिला उपाध्यक्ष भी उन पर जिला अध्यक्ष की बात मानने का दबाव बना रहे थे.
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित थीं, लेकिन जब उनके पति को दुष्कर्म के झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी दी गई, तब उनका सब्र टूट गया और उन्हें फेसबुक लाइव के जरिए अपनी व्यथा जनता के सामने रखनी पड़ी. इसको लेकर दीपाली तिवारी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले से संबंधित प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को सौंपा है.
शिकायत में उन्होंने कहा कि मोहनलाल कुशवाहा ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया. उन्होंने मेरे साथ हम बिस्तर होने की डिमांड की थी. मेरे मना करने पर मुझे धमकाया गया इसलिए पूरे मामले की शिकायत करने एसपी की चौखट पर आई हूं.
जिला अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर इन आरोपों के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा बचाव की मुद्रा में हैं. उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत करार दिया है. मोहनलाल कुशवाहा का कहना है कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे इन आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और यह केवल उनकी छवि खराब करने की कोशिश है. उन्होंने इन आरोपों की घोर निंदा करते हुए इनका खंडन किया है.
आपको बता दें कि दीपाली तिवारी पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए इन संगीन आरोपों ने महोबा की राजनीति में भूचाल ला दिया है. जहां भाजपा के भीतर अंतर्कलह चरम पर है. वहीं विपक्ष को भी सत्ता पक्ष को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है. अब देखना यह होगा कि पार्टी हाईकमान इस मामले में क्या कार्रवाई करता है.