उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के जैतपुर ब्लॉक अंतर्गत नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी पहली बार पूरी भरने पर दरक गई. आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के कारण टंकी की दीवारों से पानी का रिसाव होने लगा और वह फटने की कगार पर पहुंच गई. ग्रामीणों ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है. ग्राम प्रधान गायत्री ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर जांच की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि 2025 में तैयार हुई इस परियोजना ने उद्घाटन से पहले ही दम तोड़ दिया है.
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि टंकी में कोई दिक्क्त नहीं थी, पानी ओवरफ्लो की वजह लीक हो रहा था. क्वालिटी की जांच थर्ड पार्टी ने की थी. पिछले 10 महीने से इसके जरिये 10 गांवों में जल आपूर्ति हो रही है.
विधायक की शिकायत के बाद सामने आई हकीकत
हाल ही में चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का रास्ता रोककर 'हर घर नल योजना' में हो रही लापरवाही की शिकायत की थी. सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की यह 'दरार' अब शासन तक गूंज रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने निर्माण के दौरान मानकों को ताक पर रखकर काम किया है.
करोड़ों की योजना में लापरवाही
ग्रामीणों के अनुसार, यह टंकी अब एक 'सफेद हाथी' बनकर रह गई है. ग्रामीण पूरन और सुशीला का कहना है कि एक तरफ टंकी से पानी बर्बाद हो रहा है, तो दूसरी तरफ आधे गांव की प्यास नहीं बुझ रही है. पाइपलाइन बिछाने और निर्माण का कार्य इतने दोयम दर्जे का है कि घरों में लगे नल सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं. पानी की सप्लाई सुचारू रूप से न होने के कारण जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है.
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
नगारा डांग की ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की जांच जरूरी है. ग्रामीण प्रकाश राजपूत और अन्य निवासियों ने मांग की है कि इस टंकी को जल्द दुरुस्त किया जाए और जनता के पैसे की बर्बादी करने वाले दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जाए. करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी अगर लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़े, तो प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है.