लखनऊ रेलवे स्टेशन पर जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस रुकी, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके एक स्लीपर कोच में ऐसा खौफ छिपा बैठा है, जिसे देखकर पुलिसवालों तक की रूह कांप जाएगी. एक लावारिस बॉक्स पड़ा था. साथ में एक बैग और कुछ पॉलिथीन. पहले लोगों ने सोचा कोई यात्री सामान छोड़ गया होगा. लेकिन जब बॉक्स खोला गया... तो अंदर का मंजर देखकर स्टेशन पर हड़कंप मच गया.
बॉक्स के अंदर एक किशोरी का धड़ पड़ा था. बैग और पॉलिथीन में हाथ-पैर अलग-अलग रखे थे. पूरा स्टेशन सन्न रह गया. लेकिन असली डरावनी कहानी तो इसके बाद शुरू हुई. जांच शुरू हुई. CCTV फुटेज खंगाले गए. ट्रेन और स्टेशन के कैमरे देखे गए. फिर पुलिस धीरे-धीरे उस चेहरे तक पहुंची, जिस पर किसी को शक भी नहीं होता.
इस मामले में आरोपी कोई गैंगस्टर नहीं था. कोई साइको किलर नहीं था. वो लड़की का अपना पिता था. जीआरपी की जांच में सामने आया कि मृत किशोरी कुशीनगर जिले के सेवरही इलाके की रहने वाली थी. उम्र- सिर्फ 16 साल.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिता बिग्गन अंसारी को शक था कि उसकी बेटी एक हिंदू लड़के से फोन पर बात करती है. उसने कई बार बेटी को रोका. समझाया. धमकाया भी. लेकिन जब लड़की नहीं मानी, तो पिता के अंदर 'बदनामी' का डर बैठ गया. जांच में ये भी सामने आया कि परिवार की बड़ी बेटी पहले ही एक हिंदू युवक से शादी कर चुकी थी. पुलिस को शक है कि इसी बात ने आरोपी के दिमाग में 'इज्जत' और 'समाज' का डर और बढ़ा दिया था.
पुलिस कह रही है कि ये गुस्से में किया गया अचानक कत्ल नहीं था. पूरी प्लानिंग थी. वारदात से पांच दिन पहले आरोपी ने पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था. यानी घर पहले ही खाली करा लिया गया. फिर 16 मई को उसने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया. और यहीं से शुरू हुई वो कहानी, जिसे सुनकर किसी का भी दिल कांप जाए. आरोप है कि तीनों ने मिलकर किशोरी की हत्या कर दी.
हत्या के बाद अब सबसे बड़ा सवाल था- शव को कैसे छुपाया जाए? पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बेटी के शव के छह टुकड़े कर दिए. सिर को गांव के तालाब में फेंक दिया गया. हाथ और पैर अलग-अलग पॉलिथीन में पैक किए गए. और धड़ को एक बॉक्स में रखा गया.
बॉक्स छोटा था. पूरी बॉडी उसमें नहीं आ रही थी. इसलिए शरीर के हिस्से अलग-अलग पैक किए गए. यानी एक पिता अपनी ही बेटी के शरीर को सामान की तरह पैक कर रहा था. इसके बाद आरोपी और उसके साथी शव के टुकड़ों से भरा बॉक्स लेकर ई-रिक्शा से तमकुही रोड स्टेशन पहुंचे. वहां छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच S-1 में बॉक्स रख दिया गया.

प्लान शायद ये था कि ट्रेन लखनऊ पहुंचेगी... भीड़ में बॉक्स गायब हो जाएगा... और मामला हमेशा के लिए दफन हो जाएगा. लेकिन कहानी यहीं पलट गई. ट्रेन में लावारिस बॉक्स देखकर शक हुआ. जांच हुई. बॉक्स खुला... और अंदर की तस्वीर देखकर हर कोई सन्न रह गया.
रेलवे स्टेशन और ट्रेन के CCTV कैमरों ने आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता खोल दिया. फुटेज में संदिग्ध लोग बॉक्स लेकर आते दिखाई दिए. फिर पुलिस धीरे-धीरे आरोपी पिता तक पहुंच गई. जीआरपी एसपी रोहित मिश्रा के मुताबिक, आरोपी बिग्गन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने किशोरी का सिर भी बरामद कर लिया है. मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है. 16 साल की एक लड़की... जिसकी पूरी जिंदगी बाकी थी... उसे मार दिया गया. फिर उसके शरीर के टुकड़े किए गए. और ट्रेन में छोड़ दिए गए.