उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (Ram Manohar Lohia Hospital Lucknow) में आठवीं पास शख्स डॉक्टर बनकर राउंड करता मिला है. वह एप्रन पहने और गले में स्टेथोस्कोप डाले मरीजों को देख रहा था. सुरक्षा कर्मियों को जब शक हुआ तो युवक को पकड़कर पुलिस को बुलाया. जब जांच की गई तो पता चला कि आरोपी युवक मरीजों को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कमीशन पर काम करता था.
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के राम मनोहर लोहिया संस्थान में सुरक्षाकर्मियों को जानकारी मिली कि डॉक्टर की ड्रेस में एक युवक गले में स्टेथो डालकर घूम रहा है और मरीजों से हालचाल पूछ रहा है. इसके बाद जब सुरक्षाकर्मी उसके पास पहुंचे और जानकारी ली तो युवक ने खुद को डॉ. राम प्रकाश गुप्ता बताया.
आरोपी ने पहले तो बताया कि वह मातृ एवं शिशु अस्पताल का डॉक्टर है. उसके पास एक प्लेट भी थी, जिस पर स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ (Gynaecologist) लिखा हुआ था. इसी के साथ सर्जन कंसल्टेंट भी लिखा था. सुरक्षा कर्मियों को जब उस पर शक हुआ तो उन्होंने अधिकारियों को जानकारी दी. इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया कि युवक डॉक्टर नहीं और कोई और है.
आरोपी ने पुलिस को बताया- मरीज ले जाने पर मिलता था कमीशन
इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से पूछताछ की. इस दौरान उसने बताया कि उसका असली नाम सूरज है और वह गोमती नगर में कमरा लेकर रहता है. आरोपी ने बताया कि वह नकली डॉक्टर इसलिए बना था, ताकि मरीजों को दूसरे अस्पताल में अच्छे इलाज का झांसा देकर ले जा सके. वह मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में भेजता था, जिससे उसे कमीशन मिलता था. पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मामले को लेकर क्या बोले एडीसीपी?
इस मामले में एडीसीपी ईस्ट जोन सैयद अली अब्बास ने कहा कि आरोपी सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. ये पता लगाया जा रहा है कि आरोपी युवक किस अस्पताल के संपर्क में था और कितने मरीजों को शिफ्ट करवा चुका है. इसी के साथ वह कितने समय से इस नेक्सेस में जुड़ा है.