
लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब घर के एक कमरे में रखे नीले ड्रम से वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह का आधा कटा शव बरामद हुआ. मानवेंद्र 20 फरवरी से लापता थे. पुलिस के मुताबिक, मृतक की गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके ग्रेजुएशन कर रहे बेटे अक्षत ने 20 फरवरी को दर्ज कराई थी. अक्षत ने पहले पुलिस को बताया था कि 20 फरवरी की सुबह करीब 6 बजे पिता ने उसे जगाकर कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं और 21 फरवरी दोपहर तक लौट आएंगे. इसके बाद उनके तीनों मोबाइल फोन बंद हो गए और वह घर वापस नहीं आए.
पिता की हत्या, फिर गुमशुदगी की रिपोर्ट
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मानवेंद्र सिंह की तलाश शुरू की. इस दौरान उनका आखिरी मोबाइल लोकेशन काकोरी में मिला, लेकिन वहां मोबाइल नहीं मिला. शक गहराने पर पुलिस ने बेटे अक्षत से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान अक्षत लगातार बयान बदलता रहा. पहले उसने कहा कि पिता ने आत्महत्या कर ली, फिर कबूल किया कि उसी ने पिता की हत्या की है.
पुलिस पूछताछ में अक्षत ने बताया कि 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता से उसका विवाद हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि उसने लाइसेंसी बंदूक उठाकर गुस्से में पिता के सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद अक्षत ने सबूत मिटाने की कोशिश की. उसने पिता के शव को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में लाया और शव के टुकड़े कर दिए. कुछ टुकड़ों को कार में भरकर सदरौना इलाके में फेंक दिया. बाकी शरीर के हिस्सों को नीले ड्रम में भरकर घर में छिपा दिया. धड़ को भी ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही हत्या का खुलासा हो गया. बदबू छुपाने के लिए उसने पूरे घर में रूम फ्रेशनर डाल रखा था ताकि बदबू घर से बाहर ना जा सके.

ड्रम में मानवेंद्र का आधा कटा शव बरामद हुआ
सोमवार शाम पुलिस अक्षत को लेकर आशियाना स्थित घर पहुंची, जहां कमरे से ड्रम में बंद मानवेंद्र सिंह का आधा कटा शव बरामद हुआ. फिलहाल, पुलिस सिर के हिस्से की बरामदगी के लिए आरोपी से पूछताछ कर रही है.
अक्षत ने अपनी बहन के सामने ही पिता को गोली मारी थी और किसी को बताने पर उसे भी जान से मारने की धमकी दी. डर के कारण बहन ने किसी को कुछ नहीं बताया. हत्या के बाद अक्षत ने कार की सफाई भी की.
पड़ोसी ने बयां किया खौफनाक मंजर
पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सिर पर गोली मारी गई थी तो आगे का चेहरा भी नहीं था. पूरे कमरे में खून फैला हुआ था. ड्रम लुढ़का हुआ था. अंदर का मंजर भयावह था. सिर पर गोली लगने के कारण शव की हालत बेहद खराब थी और नीला ड्रम लहूलुहान हालत में पड़ा था.
जानिए मानवेंद्र सिंह के बारे में
मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन जिले के रहने वाले थे. उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हैं.मानवेंद्र की पत्नी की 9 साल पहले मौत हो चुकी है. परिवार में आरोपी बेटा अक्षत और 11वीं में पढ़ने वाली बेटी है. मानवेंद्र का छोटा भाई एसएस रजावत उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं. पड़ोसियों का कहना है कि अक्षत अक्सर अपने पिता की बंदूक लेकर दिखावा करता था और हवा में फायरिंग की बातें भी सामने आई हैं. फिलहाल, पुलिस ने आरोपी बेटे अक्षत को हिरासत में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है. घर से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पूरे मामले की गहन जांच जारी है.