गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदार ने थाना विजयनगर क्षेत्र के प्रताप विहार में पीड़ित बुजुर्ग महिला चंचल को उनका मकान अवैध कब्जे से मुक्त कराकर खुद मौके पर सौंप दिया. पीड़िता ने बीती 29 मई को जनता दर्शन में ताज मोहम्मद द्वारा धोखाधड़ी से मकान कब्जाने की शिकायत दर्ज कराई थी. डीएम ने तत्काल उपजिलाधिकारी सदर और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर जांच करवाई, जिसमें आरोप सच साबित हुए. दोषी ताज मोहम्मद पहले भी भूमि कब्जे के मामले में जेल जा चुका है. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को तीन दिन में आशियाना वापस दिला दिया.
डेढ़ लाख का कर्ज और धोखे से मकान पर अवैध कब्जा
पीड़िता चंचल ने बताया कि उन्होंने आरोपी ताज मोहम्मद से केवल डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे. इसके बदले उन्होंने अपने मकान के असली दस्तावेज गिरवी रखे थे. बाद में आरोपी ने ब्याज की रकम को बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया.
इसी धोखाधड़ी के बल पर उसने मकान पर अवैध कब्जा जमा लिया और बाद में कब्जा मोमिन नामक दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया. बेघर हुई बुजुर्ग महिला ने थक-हारकर अपनी फरियाद लेकर सीधे जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंचने का फैसला किया.
डीएम का बड़ा एक्शन और सख्त निर्देश
शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सोमवार को डीएम स्वयं भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने वहां अवैध कब्जा हटवाकर तुरंत मकान की चाबियां भावुक पीड़िता को सौंप दीं. इसके साथ ही भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के निर्देश दिए.
न्याय पाकर छलके चंचल के आंसू
अपना आशियाना वापस मिलने के बाद बुजुर्ग महिला चंचल बेहद भावुक हो गईं. उन्होंने रोते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीएम का दिल से आभार व्यक्त किया. पीड़िता ने कहा कि प्रशासन की इस त्वरित मदद को वह जीवनभर नहीं भूलेंगी. डीएम ने साफ किया कि शासन की मंशा के अनुरूप हर जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और माफियाओं के खिलाफ यह कड़ा अभियान आगे भी जारी रहेगा.