कानपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को डीएम जितेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर पश्चिमी कानपुर के बिठूर और कल्याणपुर इलाकों में एक साथ 27 नर्सिंग होम पर छापेमारी की. यह कार्रवाई 8 फरवरी को बिठूर के राजा नर्सिंग होम में आईसीयू वॉर्मर के भीतर जलने से हुई एक नवजात की मौत के बाद की गई है. अरुण और शालू के इस पहले बच्चे की मौत डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से हुई थी. जांच में पाया गया कि कई अस्पतालों में आईसीयू बिना अनुमति के संचालित हो रहे थे, जिसके बाद प्रशासन ने अवैध रूप से चल रहे सेंटरों को सील कर दिया.
22 अस्पतालों में मिलीं भारी कमियां
छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को हैरानी हुई कि जिन 27 नर्सिंग होम की जांच की गई, उनमें से 22 मानक के खिलाफ काम कर रहे थे. एसीएमओ डॉ. अमित रस्तोगी ने बताया कि कई अस्पतालों के आईसीयू बिना परमिशन के धड़ल्ले से चल रहे थे.
फिलहाल, इन सभी सेंटरों को सील कर दिया गया है और अस्पताल संचालकों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभाग ने चेतावनी दी है कि शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की सघन जांच जारी रहेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
राजा नर्सिंग होम कांड और पुलिसिया कार्रवाई
बिठूर के जिस राजा नर्सिंग होम में हादसा हुआ था, उसे प्रशासन पहले ही सील कर चुका है. नवजात के माता-पिता ने जब मशीन से धुआं निकलता देखा, तब इस दर्दनाक लापरवाही का खुलासा हुआ था.
पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल संचालक डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुलिस आगे की कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.