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UP: कानपुर में 3200 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा, बंगाल से लौटते ही मास्टरमाइंड गिरफ्तार

कानपुर पुलिस ने 3200 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी महफूज अली को गिरफ्तार किया है. आरोपी पश्चिम बंगाल में छिपा हुआ था और कानपुर लौटते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया. जांच में फर्जी GST फर्मों, बैंक खातों और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है.

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पश्चिम बंगाल में छिपा बैठा था फर्जीवाड़े का आरोपी. (Photo: Screengrab)
पश्चिम बंगाल में छिपा बैठा था फर्जीवाड़े का आरोपी. (Photo: Screengrab)

कानपुर पुलिस ने करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी महफूज अली को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से पश्चिम बंगाल में छिपकर रह रहा था. जैसे ही वह कानपुर लौटा, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे सेंट जोसेफ स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने लोगों को बीमा कराने और बैंक से लोन दिलाने का झांसा दिया. इसी बहाने लोगों के पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल किए गए. कई मामलों में लोगों को डराकर भी दस्तावेज लिए गए.

पुलिस के अनुसार इन दस्तावेजों के आधार पर पीड़ितों की जानकारी के बिना उनके नाम पर कई फर्जी GST फर्में बनाई गईं. इनमें ‘आरती इंटरप्राइजेज’, ‘राजा इंटरप्राइजेज’ और ‘अफीसा इंटरप्राइजेज’ जैसी फर्मों के नाम शामिल हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि महफूज ने अपने परिवार और अन्य लोगों के नाम पर करीब 68 बैंक खाते खुलवाए थे. इन खातों का संचालन वह खुद करता था. पुलिस के मुताबिक इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया.

फर्जी GST फर्म बनाकर करोड़ों का खेल

वित्तीय जांच के दौरान ‘रवि इंटरप्राइजेज’ के खाते में पिछले छह महीनों में करीब 7.75 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन सामने आया. वहीं ‘अफीसा इंटरप्राइजेज’ के जरिए लगभग 146 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है. पुलिस अन्य खातों और फर्मों की भी जांच कर रही है. पूछताछ में महफूज ने बताया कि खातों में आने वाला अधिकांश पैसा स्लॉटर और स्क्रैप कारोबार से जुड़ा था. आरोप है कि वह विभिन्न फर्मों से आने वाले पैसे को अपने खातों से निकालकर संबंधित लोगों को नकद वापस करता था और इसके बदले कमीशन लेता था.

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महफूज ने पूछताछ में यह भी दावा किया कि स्क्रैप कारोबार से जुड़ा पैसा नूर आलम, संजीव दीक्षित, शीबू और रिजवान का था. वहीं पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड अधिवक्ता फिरोज खान को बताया गया है, जो फर्जी GST फर्में तैयार कराने में शामिल था. पुलिस के मुताबिक स्लॉटर कारोबार से जुड़ी रकम ताहिर नाम के व्यक्ति की बताई गई है. यह पैसा अलग-अलग फर्मों के जरिए महफूज के खातों में पहुंचता था.

68 बैंक खातों से चलता था करोड़ों का नेटवर्क

मामले में बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत भी सामने आई है. आरोपी ने दावा किया कि एक बैंक कर्मचारी फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और बड़े ट्रांजैक्शन के बदले कमीशन लेने में शामिल था. पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार महफूज अली के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी, कूटरचना और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं में छह मुकदमे दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

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