उत्तर प्रदेश की पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के बीच चल रहा हाई-प्रोफाइल विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. पिछले तीन वर्षों से मीडिया की नजरों से दूर रहे आलोक मौर्य ने अचानक सामने आकर ज्योति के साथ सुलह होने और बच्चों के भविष्य के लिए साथ रहने का दावा किया. यह बयान प्रयागराज की फैमिली कोर्ट में चल रहे तलाक के मामले के बीच आया है. वर्तमान में गाजियाबाद में एडीएम (प्रशासन) के पद पर तैनात ज्योति मौर्य ने इस दावे पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर दिया.
आलोक का बड़ा दावा: 'खत्म हुई लड़ाई, अब साथ हैं'
काफी समय तक लाइमलाइट से दूर रहने के बाद आलोक मौर्य ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में चौंकाने वाले खुलासे किए. आलोक का कहना है कि उनकी ज्योति मौर्य से अब कोई लड़ाई नहीं है और दोनों के बीच सुलह हो गई है. उन्होंने दावा किया कि बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने साथ रहने का फैसला किया है. आलोक के मुताबिक, अब वे एक ही छत के नीचे रह रहे हैं और उनके बीच का मनमुटाव पूरी तरह खत्म हो चुका है.
ज्योति मौर्य की चुप्पी और 'ऑफ कैमरा' संकेत
गाजियाबाद कलेक्ट्रेट में तैनात ज्योति मौर्य से जब आलोक के इन दावों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया. हालांकि, ऑफ कैमरा बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि वह इस निजी मामले को अब और तूल देना नहीं चाहतीं. ज्योति का कहना है कि मीडिया में पहले ही बहुत कुछ कहा जा चुका है, इसलिए वह फिलहाल अपना पक्ष सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं. उनकी यह चुप्पी आलोक के दावों के साथ एक विरोधाभास पैदा कर रही है.
फैमिली कोर्ट में अंतिम दौर में है मामला
प्रयागराज की फैमिली कोर्ट में साल 2023 से 2025 तक इस मामले की लगातार सुनवाई होती रही. ज्योति मौर्य ने तलाक की अर्जी दाखिल की थी और कानूनी जानकारों के मुताबिक यह मामला अब अपने आखिरी दौर में है. ऐसे में 2026 में आलोक का अचानक सुलह की बात कहना लोगों के लिए हैरान करने वाला है. क्या यह वास्तव में विवाद का अंत है या किसी कानूनी रणनीति का हिस्सा, यह कोर्ट के आगामी फैसलों और ज्योति मौर्य के रुख से ही स्पष्ट हो पाएगा.