
झांसी में डेढ़ करोड़ रुपये के सोने, लाखों की चांदी और नकदी बरामदगी मामले में पकड़ी गई युवती यशस्वी को लेकर उसकी मां ने बड़ा खुलासा किया है. मां का आरोप है कि यूपी पुलिस में तैनात सिपाही रजत ने उनकी बेटी को प्रेमजाल में फंसाकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पढ़ाई में बेहद होशियार थी और दारोगा बनना चाहती थी, लेकिन रजत के संपर्क में आने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई.
दरअसल, शुक्रवार को झांसी पुलिस ने सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की पॉश कॉलोनी रॉयल सिटी में छापेमारी कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना, 11 लाख रुपये की चांदी और 19 लाख रुपये नकद बरामद किए थे. इस मामले में दो महिलाओं - यशस्वी और निशा खान को हिरासत में लिया गया, जबकि सिपाही रजत समेत कई आरोपी फरार बताए जा रहे हैं.

8 साल से सिपाही के साथ है लिवइन में
यशस्वी की मां ने बताया कि रजत और उनके पति एक ही चौकी पर तैनात थे. इसी दौरान उसका घर आना-जाना शुरू हुआ. हालांकि वह घर के अंदर नहीं आता था, लेकिन कॉलेज आने-जाने के दौरान उसने उनकी बेटी से नजदीकियां बढ़ा लीं. मां के मुताबिक, जब उन्हें इस रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने बेटी की शादी दूसरी जगह तय कर दी, लेकिन उसने रिश्ता ठुकरा दिया.
मां ने कहा, “बेटी साफ कहती थी कि वह सिर्फ रजत के साथ ही रहेगी. दोनों करीब 8 साल से लिव-इन में रह रहे थे. बाद में पता चला कि रजत पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं. उसने हमारी बेटी को धोखे में रखा.” उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी लगातार रजत पर शादी का दबाव बनाती रही, लेकिन वह उसे टालता रहा. मां ने सवाल उठाया कि यदि रजत सच में उनकी बेटी से प्यार करता था तो पुलिस कार्रवाई के दौरान भागा क्यों? उन्होंने कहा कि रजत ने सिर्फ अपनी जरूरत के लिए उनकी बेटी का इस्तेमाल किया.

मां बोली, अब घर नहीं आना चाहती है यशस्वी
मां के अनुसार परिवार ने कई बार बेटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. यहां तक कि उसे रजत से दूर करने के लिए उसकी सगाई भी कर दी गई थी, मगर उसने रिश्ता तोड़ दिया. तभी परिवार को दोनों के प्रेम संबंधों का पता चला.
थाने में हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए मां ने कहा कि उनकी बेटी ने अब घर लौटने से इनकार कर दिया है. उसने कहा कि वह बदनामी के साथ घर नहीं आना चाहती. मां ने कहा कि अगर बेटी वापस आती है तो परिवार उसे अपना लेगा, लेकिन अब पहले जैसा भरोसा कर पाना मुश्किल होगा.