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कानपुर में 'सट्टे का इंटरनेशनल सिंडिकेट': 3 महीने, 100 करोड़ और 8 गिरफ्तार; दुबई-थाईलैंड से जुड़े थे तार

कानपुर पुलिस ने 100 करोड़ के इंटरनेशनल बेटिंग रैकेट का भंडाफोड़ कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया. दुबई और थाईलैंड से संचालित यह गैंग फर्जी खातों और ओला कैब का उपयोग कर ट्रांजेक्शन करता था. पुलिस ने 26 मोबाइल, 54 एटीएम और सिम बरामद कर 50 लाख रुपये फ्रीज किए हैं.

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कानपुर में साइबर क्राइम गैंग के 8 सदस्य गिरफ्तार (Photo- Screengrab)
कानपुर में साइबर क्राइम गैंग के 8 सदस्य गिरफ्तार (Photo- Screengrab)

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े एक संगठित रैकेट का खुलासा किया है. थाना बर्रा पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बर्रा-6 स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को पकड़ा. बाद में उनकी निशानदेही पर चार अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया.

विदेश से कंट्रोल होता था पूरा नेटवर्क

जांच में सामने आया कि यह बेटिंग रैकेट भारत के बाहर से संचालित हो रहा था. गिरोह के मास्टरमाइंड दुबई, कंबोडिया और थाईलैंड में बैठकर पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहे थे. करीब 400 लोग इस नेटवर्क से जुड़े थे, जो अलग-अलग स्तर पर बेटिंग ऑपरेशन को चला रहे थे.

कैसे चलता था बेटिंग का खेल

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रतिबंधित बेटिंग ऐप और वेबसाइट के जरिए लोगों को जोड़ते थे. शुरुआत में छोटी रकम जिताकर यूजर्स का भरोसा जीतते थे. बड़ी रकम लगाने पर गेम को कंट्रोल कर हार सुनिश्चित कर दी जाती थी. रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर नेटवर्क में घुमाया जाता था. टेलीग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नए यूजर्स जोड़े जाते थे.

ओला कैब बनती थी ‘मोबाइल ऑपरेशन सेंटर’

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गिरोह के सदस्य पकड़े जाने से बचने के लिए ओला या अन्य किराए की टैक्सियों में बैठकर ही ट्रांजेक्शन और रकम की निकासी करते थे. इससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था.

फर्जी खातों के जरिए चलता था पूरा सिस्टम

आरोपी लोगों को बहला-फुसलाकर उनके आधार कार्ड और सिम हासिल करते थे. इन्हीं के जरिए फर्जी बैंक खाते खुलवाए जाते थे, जिनका इस्तेमाल बेटिंग की रकम को ट्रांसफर करने में होता था. पुलिस को सैकड़ों संदिग्ध खातों की जानकारी भी मिली है.

पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया:

26 मोबाइल फोन
1 लैपटॉप
54 एटीएम कार्ड
26 पासबुक और 1 चेकबुक
30 सिम कार्ड
2 वाहन (स्कूटी और बाइक)

100 करोड़ का ट्रांजेक्शन, 50 लाख फ्रीज

जांच में सामने आया कि इस गैंग ने महज तीन महीनों में करीब 100 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया. फिलहाल 50 लाख रुपये की रकम फ्रीज कर दी गई है.

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

यह बेटिंग रैकेट केवल कानपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ था. पूरा सिंडिकेट ऑनलाइन बेटिंग एडमिन के जरिए संचालित किया जा रहा था.

पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई

पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंटरनेशनल बेटिंग नेटवर्क से जुड़े हैं और मुख्य रूप से फंड मैनेजमेंट व निकासी का काम करते थे. सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है. फरार आरोपियों की तलाश जारी है और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है.

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