Uttar Pradesh News: लखीमपुर खीरी एसपी ऑफिस के कार्यालय में तैनात इंस्पेक्टर गौरव शर्मा को रविवार को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा. सहारनपुर निवासी निदा मलिक ने एसपी ख्याति गर्ग को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि गौरव ने साल 2017 में अपनी पहली शादी और दो बच्चों की बात छिपाकर उनसे निकाह किया था.
शिकायत के अनुसार, गौरव ने झांसा देकर पहले उनका शारीरिक शोषण किया और फिर बच्ची के जन्म के बाद उसे छोड़ दिया. मामला तब तूल पकड़ा जब निदा को उनकी पहली पत्नी खुशबू शर्मा के बारे में पता चला. आरोपों की गंभीरता देखते हुए एसपी ने तत्काल प्रभाव से इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया.
ट्रेन की दोस्ती और निकाह का 'खेल'
पीड़िता निदा मलिक के अनुसार, यह सिलसिला 12 साल पहले एक ट्रेन यात्रा के दौरान शुरू हुआ था. गौरव ने खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर मदद की और संपर्क नंबर लिया. बाद में मां के इलाज के बहाने देवबंद बुलाकर कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ दिया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा. बदनामी के डर से निदा ने निकाह का दबाव बनाया, जिसके बाद 27 दिसंबर 2017 को दोनों ने शादी कर ली. गौरव उसे शाहजहांपुर में किराए के कमरे में रखने लगा, जहां उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया.
जासूसी से खुला पहली पत्नी का राज
जब गौरव का तबादला बदायूं हुआ, तो उसने निदा से दूरी बनानी शुरू कर दी. शक होने पर निदा ने जब गौरव के मोबाइल की जांच की, तो उसे एक अन्य महिला खुशबू शर्मा के साथ तस्वीरें मिलीं. जासूसी के दौरान पता चला कि गौरव पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं. अपना हक मांगने पर गौरव ने उसे जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया. इसके बाद गौरव ने अपना तबादला लखीमपुर खीरी करा लिया ताकि वह पीड़िता से पीछा छुड़ा सके.
समझौते के बाद फिर मिली मौत की धमकी
पीड़िता ने इससे पहले बदायूं एसपी से भी शिकायत की थी, जिसके बाद जनवरी 2024 में गौरव और उसकी पहली पत्नी खुशबू ने माफी मांगते हुए समझौता किया था. गौरव ने मकान और मासिक खर्च देने का वादा किया था. हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि 27 फरवरी 2026 को लखीमपुर बुलाकर उसे गालियां दी गईं और 4 मार्च को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली. इस बार निदा ने हार मानने के बजाय सीधे लखीमपुर खीरी एसपी को पत्र लिखकर न्याय की मांग की.
एसपी की कार्रवाई, जांच शुरू
एसपी ख्याति गर्ग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपने ही स्टेनो गौरव शर्मा पर कड़ा रुख अपनाया है. इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. पीड़िता ने अपनी और अपनी 5 साल की बेटी आरना की सुरक्षा की गुहार लगाई है. पुलिस विभाग में इस मामले की खासी चर्चा है कि कैसे एक इंस्पेक्टर ने अपनी ही वर्दी का रौब दिखाकर एक महिला को धोखे में रखा और अब कानून के शिकंजे में फंस गया है.