scorecardresearch
 

Majhawa By Election: 8 बार कांग्रेस, 5 बार बसपा तो 2 बार BJP ने हासिल की जीत, सपा का नहीं खुला खाता, जानिए मझवां विधानसभा सीट का इतिहास

मिर्जापुर की मझवां विधानसभा सीट आजादी के बाद 1952 से लेकर 1969 तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी. जब यह सीट 1974 में सामान्य हुई तो इसको प्रदेश की राजनीति में वीआईपी विधानसभा सीट का दर्जा मिला.

Advertisement
X
जानिए मिर्जापुर की मझवां विधानसभा सीट का इतिहास
जानिए मिर्जापुर की मझवां विधानसभा सीट का इतिहास

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की मझवां विधानसभा सीट आजादी के बाद 1952 से लेकर 1969 तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी. जब यह सीट 1974 में सामान्य हुई तो इसको प्रदेश की राजनीति में वीआईपी विधानसभा सीट का दर्जा मिला. क्योंकि, इस सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता लोकपति त्रिपाठी, रुद्र प्रसाद और बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भागवत पाल चुनकर विधान सभा पहुंचते थे, मंत्री बनते थे. 

मझवां विधानसभा सीट का इतिहास 

मझवां विधानसभा सीट पर पहली बार 1952 में कांग्रेस के बेचन राम विधायक बने. वह 1957 और 1960 में लगातार तीन बार विधायक रहे. इसके बाद 1962 में भारतीय जनसंघ से राम किशुन विधायक चुने गए. 1967 और 1969 में कांग्रेस के बेचन राम फिर से विधायक बने. 

उपचुनाव: मझवां सीट पर BJP-SP में रोचक मुकाबला, क्या पिता की हार का बदला ले पाएंगी ज्योति बिंद?

इस सीट के सामान्य होने के बाद 1974 में पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी रुद्र प्रसाद ने जीत हासिल की. इसके बाद 1980 और 1985 में कांग्रेस के दिग्गज नेता लोकपति त्रिपाठी, 1989 में जनता दल से रुद्र प्रसाद, बसपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भागवत पाल दो बार (1991 और 1993 में) इस सीट से चुनाव में जीत हासिल कर विधायक बने. 

Advertisement

बीजेपी ने 1996 में पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की थी. तब बीजेपी प्रत्याशी रामचंद्र मौर्य चुनाव जीत कर विधायक बने थे. इसके बाद यह सीट 2002 से लेकर 2017 तक बसपा के कब्जे में रही. बसपा के डॉक्टर रमेश चंद बिंद लगातार 2002, 2007 और 2012 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर मझवां से विधायक बने. 

ये भी पढ़ें- मझवां सीट से समाजवादी पार्टी इतिहास रचने जा रही, CM को नींद नहीं आ रही, प्रदेश अध्यक्ष का दावा

2017 विधानसभा चुनाव में बसपा के डॉक्टर रमेश चंद बिंद को हरा कर बीजेपी की सुचिस्मिता मौर्य ने इस सीट पर अपना परचम फहराया. विधानसभा चुनाव 2022 में यह सीट एनडीए गठबंध में निषाद पार्टी के खाते में चली गई. निषाद पार्टी के विनोद बिंद ने बसपा के रमेश चंद बिंद को हरा कर जीत हासिल की थी. 

आपको बता दें कि मझवां विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 8 बार कांग्रेस का कब्जा रहा. इसके बाद 5 बार बसपा का और दो बार बीजेपी का कब्जा रहा है. समाजवादी पार्टी यह सीट कभी नहीं जीत पाई है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement