UP News: हरदोई जिले के कछौना थाना क्षेत्र में ग्राम प्रधान नसीम और उसके समर्थकों ने सलीम नामक युवक की कार रोककर उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया. भ्रष्टाचार की शिकायत से नाराज आरोपियों ने सलीम को इतना पीटा कि वह मरणासन्न हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती है.
पुलिस ने शुरुआती दौर में केवल प्रधान पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया, लेकिन सोशल मीडिया पर बर्बरता का वीडियो वायरल होने के बाद बुधवार को पीड़ित पक्ष की तहरीर पर 12 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इस पूरी घटना में लापरवाही बरतने पर एसपी अशोक मीणा ने तत्काल प्रभाव से कछौना थानेदार निर्भय सिंह को निलंबित कर दिया है.
पीड़ित सलीम की पत्नी और अधिवक्ता फिरदौस जहां का आरोप है कि उन्होंने ग्राम प्रधान के खिलाफ सूचना के अधिकार (RTI) के तहत शिकायत की थी. इस जांच में करीब 13.57 लाख रुपये के घोटाले की बात सामने आई, जिसके बाद जिलाधिकारी ने प्रधान का खाता सीज कर दिया था. इसी रंजिश के चलते आरोपी पहले भी दो बार हमला कर चुके थे. रविवार को जब सलीम अपने रिश्तेदारों के साथ पुलिस को सूचना देने जा रहा था, तभी आरोपियों ने उसे घेर लिया. फिरदौस का दावा है कि उनके पति की पिटाई के बाद आवाज तक चली गई है.
पुलिस की भूमिका पर सवाल
घटना वाले दिन पुलिस ने दबंग प्रधान पति नसीम की शिकायत तो तुरंत दर्ज कर ली, लेकिन गंभीर रूप से घायल सलीम के पक्ष की सुनवाई नहीं की. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी पर पहले से ही 10 से अधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस से उसकी साठगांठ के कारण कार्रवाई में देरी की गई. जब सड़क पर मारपीट का वीडियो वायरल हुआ और सत्ता व पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठे, तब जाकर विभाग जागा. अब एएसपी पूर्वी सुबोध कुमार का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं.
प्रधान पक्ष का अपना ही दावा
दूसरी ओर, आरोपी प्रधान पति मोहम्मद नसीम ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है. उसका कहना है कि फिरदौस का परिवार उनसे चुनाव हार चुका है और इसी चुनावी रंजिश में उन पर हमला किया गया.
नसीम के मुताबिक, सलीम और उसके साथियों ने डंडों से उन पर हमला किया जिससे उन्हें सिर में चोट आई. हालांकि, वायरल वीडियो में प्रधान पक्ष की दबंगई साफ नजर आ रही है. फिलहाल, इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.