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अजब-गजब: डॉक्टर बनने के लिए 1998, 2009 और 2010 बैच के छात्र भी दे रहे परीक्षा, अब रिजल्ट में फिर फेल

गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में MBBS के कुछ ऐसे 'सदाबहार' छात्र मिले हैं जो पिछले 15 से 25 सालों से डॉक्टर बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक परीक्षा पास नहीं कर सके हैं. कोर्ट के आदेश पर जारी हुए रिजल्ट ने एक बार फिर इनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

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गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में मिले पुराने छात्र.(Photo:ITG)
गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में मिले पुराने छात्र.(Photo:ITG)

गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज से एक हैरतअंगेज कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया है. दरअसल, यहां पर तीन ऐसे छात्र मिले हैं जो पिछले दो दशक से अभी तक MBBS की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके हैं.

दरअसल, गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीन ऐसे छात्र हैं, जिन्हें अभी भी अपने फाइनल ईयर के रिजल्ट का इंतजार है. एक छात्र 1998 बैच का है जबकि दो छात्र ऐसे मिले जो 2009 और 2010 के हैं. इन बच्चों ने गोरखपुर बीआरडी मेडिकल में MBBS की पढ़ाई करना प्रारंभ किया तो था, लेकिन परीक्षा पास होने में सफल नहीं हो सके और धीरे-धीरे वर्षों बीत गए.

ऐसे में मेडिकल कॉलेज जिसका हाथ एनएमसी के नए नियमों के तहत बंधा हुआ है. उन्होंने इन बच्चों का रिजल्ट जारी करना बंद कर दिया. ऐसे में एक छात्र अपने रिजल्ट के लिए हाई कोर्ट में अपील किया. इसके बाद उस छात्र का रिजल्ट जारी हुआ और वह दो सब्जेक्ट में फिर फेल हो गया. 

अब उसे सप्लीमेंट्री पेपर देने का मौका दिया जाएगा. इसी क्रम में दो ऐसे छात्र हैं, जिनके रिजल्ट अभी तक मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जारी नहीं किया है, लेकिन अब उनके भी उम्मीदों को पर लगे हैं और मेडिकल कॉलेज प्रशासन विश्वविद्यालय से वार्तालाप कर इन बच्चों के रिजल्ट को जारी करने के लिए पत्राचार कर रहा है. 

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अगर पास हुए तो ठीक, नहीं तो ऐसे बच्चों को सप्लीमेंट्री पेपर देने का दोबारा मौका दिया जाएगा. ऐसे में गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज से चौक देना वाला मामला सामने आ रहा है कि यहां पर दो-दो दशक से छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन वो पास ही नहीं हो पा रहे हैं.

BRD  मेडिकल के प्राचार्य रामकुमार जायसवाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के हाथ NMC के नए नियमों के तहत बंधे हुए हैं. दरअसल एनएमसी के नए नियम के अनुसार छात्र जो एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें फर्स्ट ईयर में पास करने के लिए 4 साल का मौका दिया जाता है. देखें VIDEO:- 

वहीं, उनके पूरे MBBS की पढ़ाई के लिए 10 साल का समय लॉक किया गया है. इन 10 साल में छात्र को अपने एमबीबीएस की पढ़ाई कंप्लीट कर लेनी है, नहीं तो उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाएगा. लेकिन जो तीन छात्र मेडिकल कॉलेज में मिले हैं वह MCI के तहत पाए गए हैं, जबकि पहले ऐसी कोई नियम नहीं थे. अतः मेडिकल कॉलेज ने विश्वविद्यालय से वार्तालाप और पत्राचार कर बच्चों के रिजल्ट जारी करने के लिए निवेदन किया है.

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