उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला को जबरन ई-रिक्शा में बैठाकर ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है. महिला के शोर मचाने और ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक होमगार्ड की सतर्कता के चलते पुलिस ने समय रहते महिला को सुरक्षित बचा लिया. इस मामले में पुलिस ने ई-रिक्शा चालक समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि इस संबंध में सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई कि जा रही है.
जबरदस्ती ई- रिक्शा में बैठा रहे थे बदमाश
त्यागी ने बताया कि रविवार सुबह 9.30 बजे कैंट पुलिस को सूचना मिली कि एक युवती को कुछ युवकों द्वारा जबरदस्ती ई- रिक्शा में बैठा कर ले जाया जा रहा है. मौके पर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस तत्काल पीड़िता को अस्पताल ले गई. पीड़िता की स्थिति सामान्य है. पीड़िता के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं. घटना स्थल से ई- रिक्शा चालक आकाश मिश्रा पुत्र नर्सिंग मिश्रा को हिरासत में लिया गया.
ट्रैफिक होमगार्ड को हुआ शक
घटना में प्रयुक्त ई- रिक्शा को भी जब्त किया गया है.जांच में पता चला कि पीड़िता युवती को कुछ युवकों द्वारा ई- रिक्शा से यातायात चौराहे से पुलिस स्टेशन की तरफ ले जाया जा रहा था. युवती का आचरण देख कर वहां ड्यूटी दे रहे ट्रैफिक होमगार्ड विजय प्रताप सिंह ने रोकने की कोशिश की तो घटना स्थल से दो अभियुक्त निकल भागे.
पकड़े गए तीनों आरोपी
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरा एवं पूछताछ के बाद तीनों आरोपी आकाश मिश्रा पुत्र नरसिंह मिश्रा निवासी मोहम्मदपुर, थाना कैंपियरगंजव अजय जायसवाल पुत्र गुड्डू जायसवाल निवासी दुधाई गोला बाजार जीरत थाना विशुनपुरा जनपद कुशीनगरऔर तीसरा आरोपी बजरंगी पुत्र मनोहर निवासी भेड़ियागंज,पादरी बाजार थाना शाहपुर जनपद गोरखपुर को हिरासत में लिया गया. इस संबंध में मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.