यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में कांग्रेस नेता जमील अंसारी के घर के बाहर नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने गाड़ियों से कूड़ा लाकर डाल दिया. देखते ही देखते वहां कचरे का ढेर लग गया. सड़क पर बदबू, भीड़ और नारेबाजी के बाद पूरे इलाके में हंगामा होने लगा.
जानकारी के मुताबिक, यह विवाद एक दिन पहले शुरू हुआ था. नगर पालिका की टीम बकाया टैक्स का नोटिस देने कांग्रेस नेता के घर पहुंची थी. सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि नोटिस मिलने पर जमील अंसारी नाराज हो गए और उन्होंने फोन पर अधिशासी अधिकारी से अभद्र भाषा में बात की. इसी बात से नाराज कर्मचारियों ने अगले दिन विरोध का यह तरीका अपनाया और कूड़ा लाकर उनके घर के बाहर डाल दिया.
सुबह होते ही शुरू हुआ प्रदर्शन
मंगलवार सुबह सफाई कर्मचारी एकजुट होकर पहुंचे और कूड़ा डालना शुरू कर दिया. कुछ ही समय में वहां कचरे का बड़ा ढेर लग गया. कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की. उनका कहना था कि जब तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान स्थिति कुछ देर के लिए बिगड़ गई और पुलिस व कर्मचारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई. हालात काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. कुछ लोगों को हिरासत में लेने के बाद मामला धीरे-धीरे शांत हुआ.
क्षेत्राधिकारी खतौली रुपाली राव ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी. जांच में सामने आया कि एक दिन पहले दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद कर्मचारियों ने आक्रोश में यह कदम उठाया. उन्होंने कहा कि पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
कर्मचारियों ने रखा अपना पक्ष
सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे. उनका साफ कहना है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे काम बंद कर सकते हैं. इससे नगर पालिका की सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. इस पूरे विवाद का असर आसपास रहने वाले लोगों पर भी पड़ा. घरों के सामने कूड़े का ढेर लगने से बदबू फैल गई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी विवाद का असर आम जनता पर नहीं पड़ना चाहिए. अभी तक इस मामले में संबंधित नेता की ओर से कुछ भी नहीं बोला गया है.