UP News: फर्रुखाबाद विशेष न्यायाधीश (डकैती) शैलेंद्र सचान ने कायमगंज पुलिस के खिलाफ लूटपाट और मारपीट के मामले में संज्ञान लेते हुए 8 नामजद व 8 अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया. कायमगंज के मऊ रसीदाबाद गांव निवासी शायदा बेगम की याचिका पर न्यायालय ने यह कदम उठाया क्योंकि पुलिस ने उनके घर में घुसकर 90 हजार रुपये और लाखों के जेवरात लूट लिए थे. पुलिस ने इस दौरान एक नाबालिग समेत चार लोगों को हिरासत में लिया और बाद में तीन को जेल भेज दिया. 15 अप्रैल को न्यायालय के निर्देश पर कोतवाली कायमगंज में बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.
पुलिस पर लगा गंभीर डकैती और मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता शायदा बेगम ने कोर्ट को बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनके घर में तांडव मचाया और विरोध करने पर मारपीट की. आरोप है कि टीम ने घर से करीब 90 हजार की नकदी और कीमती सोने के जेवरात पार कर दिए. इस मामले में उपनिरीक्षक सोमवीर, जितेंद्र कुमार और हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी मुख्य रूप से घेरे में हैं. न्यायालय ने इन पुलिसकर्मियों के आचरण को बेहद गंभीर माना है.
कोतवाल को नोटिस, एसपी करेंगे खुद निगरानी
अदालत ने कायमगंज कोतवाल मदन मोहन को भी आड़े हाथों लिया है. उन पर न्यायालय में असत्य और भ्रामक रिपोर्ट पेश करने का आरोप है, जिसके लिए उन्हें 20 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही, जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को इस पूरी विवेचना की खुद निगरानी करने को कहा गया है ताकि जांच निष्पक्ष रहे और दोषियों को सजा मिल सके.
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस ने अपने ही साथियों के खिलाफ अपराध संख्या 100/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(2), 310(2) और 127(2) में मामला दर्ज कर लिया है. नामजद पुलिसकर्मियों में विजय गूजर, सचिन, जितेंद्र सिंह, विकास बाबू और पवन के नाम भी शामिल हैं. फिलहाल इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले की पुलिसिंग और कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं.