उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में घरेलू गैस की किल्लत लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है. इसका एक भावुक उदाहरण तब सामने आया जब एक पिता अपनी बेटी की शादी से ठीक पहले गैस सिलेंडर के लिए सुबह से लेकर रात तक एजेंसी पर लाइन में लगा रहा, लेकिन उसे सिलेंडर नहीं मिल सका.
पूरा मामला अमेठी तहसील के डेढ़ पसार गांव का है. यहां रहने वाले रविंद्र नाथ तिवारी की बेटी की शादी अगले दिन होनी है. घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं और मिठाई तथा खाने की व्यवस्था के लिए हलवाई भी सुबह से ही घर पहुंच गया था. लेकिन गैस सिलेंडर न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था.
मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर शुरू किया मिठाई बनाने का काम
रविंद्र नाथ तिवारी सुबह से ही गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे रहे. उन्होंने घर की जिम्मेदारियां छोड़कर पूरे दिन एजेंसी के बाहर इंतजार किया ताकि समय पर सिलेंडर मिल सके और शादी की तैयारियों में कोई परेशानी न आए. लेकिन शाम तक उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया.
उधर घर पर हलवाई भी सुबह से सिलेंडर मिलने का इंतजार करता रहा. उसे उम्मीद थी कि गैस मिलते ही वह मिठाई और अन्य पकवान बनाना शुरू कर देगा. लेकिन जब शाम तक सिलेंडर मिलने की उम्मीद खत्म हो गई तो मजबूरन हलवाई ने लकड़ी के चूल्हे के सहारे मिठाई बनाने का काम शुरू कर दिया.
इस दौरान बेटी के पिता का दर्द भी साफ नजर आया. उन्होंने कहा कि अगर गैस सिलेंडर नहीं मिला तो शादी की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं और उनकी इज्जत पर भी आंच आ सकती है. उन्होंने बताया कि बुकिंग कराने के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है. ऐसे में उन्हें अपनी बेटी की शादी की चिंता सता रही है.
परिजनों का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. लोगों का कहना है कि गैस एजेंसी पर लंबी लाइन लग रही है, लेकिन कई लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है.
अधिकारी बोले जनपद में गैस की कमी नहीं, स्टॉक पर्याप्त मौजूद
दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी जिले में पर्याप्त गैस सिलेंडर होने का दावा कर रहे हैं. जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत का कहना है कि अमेठी जिले में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है. उनके अनुसार जिले में दो से तीन दिन का गैस स्टॉक मौजूद है.
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब अधिकारियों के अनुसार जिले में पर्याप्त गैस सिलेंडर मौजूद हैं, तो फिर लोगों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद सिलेंडर क्यों नहीं मिल पा रहा है. बेटी की शादी से पहले सिलेंडर के लिए भटकते पिता की यह कहानी गैस आपूर्ति व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रही है.