राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में एक परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब बेटे की बारात निकलने से कुछ घंटे पहले ही पिता की मौत हो गई. बेटे ने पहले पिता को मुखाग्नि दी और फिर उनका सपना पूरा करने के लिए दूल्हा बनकर सादगी से बारात लेकर रवाना हुआ. घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया.
आपको बता दें कि मोहनलालगंज के निगोहां गांव निवासी किसान भाई लाल अपने बेटे रिंकू कश्यप की शादी को लेकर बेहद उत्साहित थे. घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. रिश्तेदारों और मेहमानों की आवाजाही से घर में रौनक थी. पिता ने बेटे की शादी को यादगार बनाने के लिए खास इंतजाम किए थे. लेकिन सोमवार को अचानक भाई लाल की तबीयत बिगड़ गई.
परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी हालत गंभीर बनी रही. मंगलवार सुबह, जिस दिन बेटे की बारात जानी थी, उसी दिन भाई लाल ने दम तोड़ दिया.
पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जिस घर में शहनाइयां बजनी थीं, वहां मातम छा गया. बेटे रिंकू के सामने एक तरफ पिता को अंतिम विदाई देने की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी तरफ पिता के सपने को पूरा करने का सवाल.
मंगलवार शाम को रिंकू ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के बाद परिवार और गांव के बुजुर्गों ने निर्णय लिया कि शादी की रस्में सादगी के साथ पूरी कराई जाएंगी.
इसके बाद रिंकू रात करीब 8 बजे चंद बारातियों के साथ बिना बैंड-बाजे और डीजे के रायबरेली के बंका गढ़ के लिए रवाना हुआ. लड़की पक्ष को घटना की जानकारी मिली तो वहां भी माहौल गमगीन हो गया. दोनों परिवारों ने सादगी और खामोशी के बीच विवाह की रस्में पूरी कराईं. बुधवार सुबह रिंकू अपनी दुल्हन को लेकर घर पहुंचा. नई बहू का गृह प्रवेश तो हुआ, लेकिन पूरे घर में पिता की कमी साफ महसूस हो रही थी.