गोरखपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार मैट्रिमोनी साइट के जरिए ठगी का शिकार हो गया. आरोपी युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर युवती से शादी कर ली, लेकिन विदाई के बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई. मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी प्रीतम निषाद इटावा का रहने वाला है, उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए रिश्ता तय किया. उसने दावा किया कि उसकी पोस्टिंग मणिपुर कैडर में है और भरोसा दिलाने के लिए कथित इंटरव्यू, ऑफिस और नेताओं के साथ तस्वीरें भी भेजीं. परिवार उसके झांसे में आ गया और जल्दबाजी में शादी के लिए हामी भर दी. लड़की को गोवा ले जाकर बेचने का प्लान था.
15 लाख रुपये लिए
आरोपी ने पहले बिना दहेज शादी की बात कही, लेकिन बाद में खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग की. सगाई के दौरान परिवार ने 10 लाख नकद दिए और बाकी 5 लाख रुपये शादी के दिन दिए. 11 मार्च 2026 को गोरखपुर के नंदानगर स्थित एक मैरिज लॉन में धूमधाम से शादी हुई, जिसमें परिवार ने कुल मिलाकर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए.
पत्नी को छोड़ हो गया फरार
12 मार्च को बारात विदा होने के बाद एक व्यक्ति ने परिवार को बताया कि युवक आईएएस नहीं है. इसके बाद परिजन तुरंत इटावा पहुंचे, जहां एक छोटे से कमरे में उनकी बेटी मिली, जबकि आरोपी और उसका परिवार मौके से फरार हो गया. परिवार ने बेटी को सुरक्षित वापस लाकर कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई.
BSC तक की है पढ़ाई
मामले की जांच करते हुए यूपी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया और उसे जालौन से गिरफ्तार कर लिया. गोरखपुर पुलिस लाइन में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने कभी यूपीएससी परीक्षा पास नहीं की और बीएससी तक पढ़ाई की है.
दो महिलाओं से शादी की
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने खुद को फर्जी आईएएस बताकर लोगों को ठगा और दो महिलाओं से शादी भी की. पुलिस के अनुसार, उसका मकसद पैसा कमाना और समाज में सम्मान हासिल करना था. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह व्हाट्सऐप पर चल रहे एक विवाह समूह के जरिए लोगों से संपर्क करता था.
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और शादी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.