उत्तर प्रदेश के देवरिया में वकील की संदिग्ध मौत से बवाल हो गया. जिसके बाद परिजन वकील का शव लेकर थाने पहुंच गए और जमकर बवाल काटा. बताया जाता है कि बरहज तहसील के ग्राम लक्ष्मीपुर में चकनाली की जमीन पर ग्राम प्रधान राजेश यादव पक्की सड़क निर्माण करा रहे थे. इसको लेकर वकील विजेंद्र सिंह ने एसडीएम से शिकायत किया था. दस दिन पूर्व तहसीलदार मौके पर गए थे और काम रुक गया था.
रविवार को दुबारा ग्राम प्रधान व उसके लोग हथियार के बल पर निर्माण कराने लगे. सूचना पर बरहज SDM पहुंच गए और मामला सुलझ गया. हालांकि कुछ देर बाद वकील विजेंदर सिंह की तबीयत खराब हो गयी. जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गयी. जिसके बाद परिजन शव लेकर तहसील परिसर पहुंच गए. जहां एसडीएम बरहज के विरोध में जमकर नारेबाजी की और मौत के लिए SDM और ग्राम प्रधान को जिम्मेदार ठहराया.
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मृतक के बेटे प्रशांत का आरोप है कि राजेश यादव ने धमकी दी थी. साथ ही एसडीएम ने भी उसके पिता को धमकाया था. जिसके कुछ देर बाद यह अनहोनी हो गयी. वहीं तहसील परिसर में वकील का शव रख महिलाएं रोने लगीं और हंगामा करने लगीं. जिसके बाद वकीलों की भीड़ तहसील परिसर में बढ़ती गयी और पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए. देर शाम तक हंगामा चलता रहा और परिवार प्रधान व एसडीएम पर कार्रवाई की जिद्द को लेकर अड़ा रहा.
पुलिस ने मामला दर्ज शुरू की जांच
प्रशासन की माने तो SDM के पहुंचने के बाद मामला सलट गया था. वकील साहब घर चले गए थे. राजस्व की टीम भी लौट गई थी. बाद में पता चला कि उनकी तबीयत खराब हो गयी. जिससे उनकी मृत्यु हो गयी. फिलहाल परिजनों की तहरीर पर समुचित धारा में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है. मौके पर शांति व्यवस्था कायम है.
पुलिस ने बताया कि मामले में ग्राम प्रधान राजेश यादव, तारकेश्वर यादव, कुलवंत यादव सुखवंत उर्फ वीरू यादव , गामा यादव व 7 से 8 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है.