UP News: सीतापुर की लहरपुर तहसील के बेहटी मोहल्ले में कब्रिस्तान की जमीन पर 12 साल पहले अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद को प्रशासन ने 30 मार्च की सुबह ध्वस्त कर दिय. डीएम राजा गणपति आर. के निर्देश पर तीन बुलडोजरों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई. अब तहसीलदार लहरपुर ने मस्जिद के मुतवल्ली आलम को अतिक्रमण हटाने में आए प्रशासनिक खर्च के लिए 39,55,000 रुपये का बिल थमाया है. यह नोटिस उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67(5) के तहत जारी किया गया है, जिसमें खर्च जमा करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है.
तीन बुलडोजर और भारी फोर्स का आया मोटा बिल
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, मस्जिद गिराने की कार्रवाई में तीन बुलडोजरों के इस्तेमाल, पीएसी बल और कई थानों की पुलिस फोर्स की तैनाती पर लाखों रुपये खर्च हुए. प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण को हटाने में जो भी सरकारी संसाधन लगे हैं, उसकी भरपाई मुतवल्ली को करनी होगी. 31 मार्च को जारी इस आदेश ने स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है. करीब एक दशक पुराने इस विवाद में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
30 दिनों के भीतर जमा करनी होगी राशि
लहरपुर तहसीलदार के लिखित आदेश के मुताबिक, मुतवल्ली आलम पुत्र बाबू को यह सुनिश्चित करना होगा कि 40 लाख रुपये के करीब की यह धनराशि तहसील कार्यालय में समय पर जमा हो जाए. यदि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकता है.
यह मामला इलाके में "टका की बुलबुल नव टका हुसकाई" वाली कहावत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि निर्माण गिराने से ज्यादा खर्च अब उसकी वसूली का निकलकर सामने आया है. फिलहाल, इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चा हो रही है.